प्रिय का विलोम शब्द या प्रिय का विलोम , प्रिय का उल्टा क्या होता है ? Dhairy ka vilom shabd
| शब्द | विलोम शब्द |
| प्रिय | अप्रिय |
| priy | apriy,apriy |
प्रिय का विलोम शब्द और अर्थ
दोस्तों प्रिय के बारे मे आप बहुत ही अच्छी तरह से जानते ही हैं।प्रिय का मतलब होता है जो आपको अच्छा लगे जिससे आप प्यार करते हैं वह आपके लिए प्रिय होता है। उसी प्रकार से जैसे कि आप किसी लड़की से प्यार करते हैं तो वह भी आपके लिए प्रिय होगी । इसके अलावा भारत मे रहने वाले अधिकतर लोग धन से प्यार करते हैं। उनके लिए धन ही सबसे बड़ा होता है। इसके लिए वे कुछ भी करने को तैयार रहते हैं हालही मे कोरोना फैला तो लुटैरे लोगों ने दूसरे लोगों को लुटना शूरू कर दिया। एक इंजेक्सन 40 हजार मे बिकने लगा ।उसके बाद क्या था लोगों ने उसको खरीद कर स्ट्रोक करना शूरू कर दिया । फिर क्या था जब ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग बढ़ने लगी तो पैसे से प्यार करने वाले लोगों ने उसके 40 हजार वसूलने शूरू कर दिये । यही है महान भारत देश ।

और यदि आप अकेले कहीं पर भी 20 हजार से अधिक रूपये लेकर जाएंगे ।तो चोर हर जगह मौजूद हैं वे चोरी कर सकते हैं। इसलिए पैसा सबसे अधिक प्यार हो चुका है। इसके लिए लोग कुछ भी करने को तैयार रहेंगे। जिढिपी का ज्ञान देने वाले टिडडे कभी यह नहीं बोलेंगे कि देश की बढ़ती जनसंख्या ही चिंता का विषय है।
यदि भारत देश की जनसंख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो भारत के लोगों के पास खाने के लिए जहर होगा और उससे अनेक बीमारियां जन्म लेंगी ।
पैसे के बाद दूसरी सबसे प्यारी और प्रिय चीज होती है। खास कर मर्दों के लिए औरत । हर मर्द यही सोचता है कि उसकी किसी अच्छी सी औरत के साथ दोस्ती हो जाए । वह उसके साथ समय बीताए ।औरत इतनी अच्छी हो कि दुनिया की बड़ी से बड़ी रानी इसके अंदर सफल ना हो सके । इसके लिए उसके पास धन की भी कमी नहीं होती है। भारत के बॉलुविड तो उससे भी महान है। जहां पर हिरोइन को पहले डायरेक्टर के साथ रहना पड़ता है। उसके बाद काम मिलता है।
लेकिन कुछ भी हो पैसा जितनी प्रिय चीजी कहीं नहीं है।आप कुछ भी करते हैं तो वह सब पैसा कमाने के लिए ही होता है। भले ही आप रोते हैं या फिर आप गाते हैं या फिर आप कोई सामान बेचते हैं। सब कुछ पैसा कमाने के लिए ही है। पैसा से प्रिय दूसरी कोई भी चीज नहीं होती है।
अब आपकी प्रिय चीज भी शायद यही है।लेकिन कुछ लोग अपवाद होते हैं। उनको पैसा अधिक मात्रा मे नहीं चाहिए होता है। उनके लिए सबसे प्रिय चीज कुछ अलग होती है। हालांकि इस प्रकार के लोगों की संख्या काफी तेजी से घटती जा रही है। और आने वाले दिनों मे इसप्रकार के एक भी लोग आपको देखने को नहीं मिलेंगे ।क्योंकि कलयुग आने के साथ ही सब कुछ बदल जाता है।
अप्रिय का अर्थ और मतलब
दोस्तों अप्रिय का मतलब होता है जो आपको प्रिय नहीं है।जैसे कि आपको कोई भी चीज ना पसंद होती है तो यह आपके लिए अप्रिय ही होती है। इसी प्रकार से अप्रिय का मतलब है जो आपकी पसंद नहीं है। जैसे महिलाओं को अक्सर शराब पसंद नहीं होती है तो यह उनके लिए अप्रिय ही होती है।वैसे आपको बतादें कि किसी भी इंसान की प्रिय और अप्रिय चीजें हमेशा ही बदलती रहती हैं। यह कभी भी फिक्स नहीं होती हैं। आज आपको कोई एक चीज प्रिय लगती है । कल आपको वही चीज अप्रिय लग सकती है।
प्रिय अप्रिय का खेल कहानी
दोस्तों रवि नाम का एक लड़का था। काफी गरीब परिवार से आता था। कॉलेज के दिनों मे महिला मित्र बना दिया । दोनों की काफी नजदिगिया बढ गई तो प्यार होने लगा । और उसके बाद जीने मरने की किस्मे खाने लगे ।
दोनो को ऐसा लग रहा था कि एक दूसरे की बिना एक पल भी नहीं रह सकते हैं।।दोनों ने घरवालों से बात कि लेकिन लड़की के घरवालों ने मना कर दिया क्योंकि उनका मानना था कि लड़का कुछ नहीं करता है। कल लड़की को क्या खिलाएगा । लेकिन रवि और उसकी फ्रेंड दोनों पर इश्क का भूत सवार हो चुका था।
एक रात को दोनों ने प्लान बनाया और चुपके से घर से भाग निकले ।फिर क्या था। सुबह जब घरवालों को पता चला तो लड़की के घरवालों ने पुलिस मे कम्पलेंट कर दिया और लड़के के घरवालों को पकड़ कर धमकाया । और दोनों जोड़े घर से पैसे चुराकर लाये थे तो होटल रूम के अंदर रूक गए ।
होटल मे दोनों कुछ दिनों तक रहे । उधर पुलिस भी उनको खोज रही थी। 2 महिने के अंदर ही धीरे धीरे इश्क का भूत उतरने लगा और जो घर से लेकर गए थे वह समाप्त हो चुका था । उसके बाद क्या था। रवि ने कहा कि अब उनको काम करना चाहिए ।
रवि काम की तलास मे इधर उधर घूमा लेकिन काम नहीं मिला और पैसे नहीं होने की वजह से दोनों ने होटल छोड़ दिया । उसके बाद एक दो दिन फुटपाथ पर रहे । अब लड़की का सब्र टूट गया और वह बोली ……..ऐसी जिंदगी से तो मर जाना अच्छा है। मेरी मति मारी गई थी जो तुम जैसे गरीब के साथ भाग कर आई ।
…….हां इसमे मेरी ही गलती है जो मैं यह सब कर बैठा यार बिना पैसे के प्यार नहीं होता है। आज हमारी हालत खराब है। एक काम कर वापस घर चलते हैं ?
…….तेरा दिमाग तो सही है लोग मेरी इज्जत उतार देंगें। बोलेंगे यार के साथ मजे करके आई है। यदि तू मुझे खिला ही नहीं सकता है तो फिर भगा कर क्यों लाया था।
उस दिन दोनों के अंदर झगड़ा हुआ ।उधर पुलिस दोनों को तलास कर रही थी। और जैसे ही पुलिस को दोनों के बारे मे पता चला पुलिस ने उनको दबोच लिया । और पुलिस स्टेशन ले आई रवि की अच्छी धुलाई हुई और लड़की को मां बाप को सौंप दिया । आज रवि और लड़की के बीच कुछ नहीं बचा लड़की की शादी हो चुकी है। तो मेरे दोस्तों जो चीज आज प्रिय है जरूरी नहीं है कि हर वक्त ही प्रिय रहे ।इसलिए फैसले सोच समझ कर लेने चाहिए ।