कुसंग का विलोम शब्द या कुसंग का विलोम , कुसंग का उल्टा क्या होता है ? kusang vilom shabd
| शब्द | विलोम शब्द |
| कुसंग | सुसंग |
| kusang | susang |
कुसंग का विलोम शब्द क्या होगा kusang ka vilom shabd kya hai ?
कुसंग के विलोम शब्द की यदि हम बात करते हैं।तो आपको बतादें कि इसका विलोम शब्द सुसंग होता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं।कुंसंग के अर्थ और मतलब की बात करें तो इसका मतलब होता है बुरी संगति के अंदर पड़ना । मतलब यदि आप बुरी संगति के अंदर पड़ते हैं तो इसका मतलब यह कहा जाता है कि यह सब कुसंग होता है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। दोस्तों कुसंग कभी भी नहीं करनी चाहिए । क्योंकि यदि आप बुरी संगति करते हैं तो इससे आपको ही नुकसान होता है।
आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। इसलिए इंसान को कभी भी कुसंगति नहीं करनी चाहिए । यदि कोई इंसान बुरी संगत करता है तो उसके बाद उसका विनाश तय हो जाता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । असल मे कई बार क्या होता है कि हम अच्छे के लिए बुरा करते हैं।

जैसे कि आपकी बहन को किसी ने छेड़ा और आपकी उसने बहुत अधिक पिटाई करदी तो यह कोई बुरा काम नहीं है। यह असल मे एक अच्छा काम है। क्योंकि धर्म ने इंसान को यही सिखाया है कि बुराई का आपको विरोध करना चाहिए । आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। यदि आप बुराई का विरोध नहीं करते हैं तो फिर बुराई आपके उपर हावी हो सकती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । दोस्तों लेकिन यदि आप बुरी संगति को पकड़ लेते हैं तो उसके बाद आप यह भूल जाते हैं कि कौनसा कार्य धर्म के अनूकूल है और कौनसा कार्य धर्म के प्रतीकूल है। ऐसी स्थिति के अंदर आपका कुछ भी नहीं हो सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। लेकिन याद रखें जो इंसान धर्म के संगत चलता है या फिर वह जो अच्छाई के लिए काम करता है वह कभी भी बुरा कार्य नहीं करता है। क्योंकि आपको यह समझ लेना चाहिए कि बुराई और अच्छाई का कोई भी मेल नहीं हो सकता।
यह ठीक उसी तरह से है जिस तरह से पानी और आग का कोई मेल नहीं हो सकता है। उसी तरह से बुराई और अच्छाई का कोई भी मेल नहीं हो सकता है। यदि आप इनको मिलाने का प्रयास करेंगे तो उसके बाद भी आपको इसके अंदर सफलता नहीं मिल सकती है। आप इस बात को समझ सकते हैं।
लेकिन दोस्तों आपको बतादें कि कुसंगत का परिणाम काफी भयंकर होता है। यह सिर्फ आपके इस जीवन को ही प्रभावित नहीं करती है। वरन यह आपके हर जन्म को प्रभावित करने का काम करती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । इसलिए इंसान को कभी भी कुसंगत नहीं करनी चाहिए । अब आपके दिमाग के अंदर आता होगा कि भला यह किस प्रकार से होता है ? तो आपको बतादें कि जब आप कुसंगत करते हैं तो इसका असर आपके दिमाग के उपर पड़ता है। और कुछ इसी प्रकार के आपके संस्कार बन जाते हैं। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और आपके जो कर्म संस्कार बन जाते हैं वे आपको हर जन्म के अंदर प्रभावित करते हैं। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए। इसलिए हम तो आपको यही कहेंगे कि आपको हमेशा अच्छे इंसानों की संगत को करना चाहिए और बुरे इंसानों की संगत का त्याग करना चाहिए । अब आपके दिमाग के अंदर यह भी आता होगा कि भले बुरा इंसान कौन
होते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बतादें कि बुराई के बारे मे आपको अधिक बताने की जरूरत नहीं है। इसका कारण यह है कि बुराई के बारे मे हर किसी को पता होना है जो इंसान गलत काम करता है वह सब बुराई के अंदर आता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं और यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । तो हम आपको यही कहेंगे कि आपको बुराई को धीरे धीरे छोड़ने का प्रयास करना होगा । यदि आप बुराई को धीरे धीरे छोड़ेंगे तो उसके बाद ही आप छोड़ पाएंगे।
इस तरह से दोस्तों हम आपको बतादें कि इस दुनिया के अंदर कुछ भी पूरी तरह से अच्छा नहीं होता है। लेकिन यदि आप अपने अंदर की अच्छाई को बढ़ाना चाहते हैं तो फिर आपको इसके लिए प्रयास करना होगा । तभी आप अपने अंदर की अच्छाई को बढ़ा सकते हैं नहीं तो आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए और आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। यही आपके लिए सही होगा ।
इस तरह से आप यहां पर यह बात अच्छी तरह से समझ ही गए होंगे कि कुसंगति चाहे कैसी भी हो इंसान के पतन का कारण बनती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए। इसलिए ज्ञानी इंसान को इसके नुकसान के बारे मे जान लेने के बाद कुसंगति का त्याग कर देना चाहिए । आप इस बात को समझ सकते हैं।
वरना कुसंगति एक इस प्रकार की चीज होती है जोकि आपको धीरे धीरे विनाश की और लेकर जाती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए।