jana ka vilom shabd जाना का विलोम शब्द?

जाना का विलोम शब्द, जाना का विपरीतार्थक शब्द है, जाना का उल्टा jana ka vilom shabd

शब्द (word) विलोम (vilom)
जानाआनाठहरना
janaAana
          

jana ka vilom shabd जाना का विलोम शब्द?

‌‌‌जाना का विलोम शब्द होता है आना । दोस्तों जाना का मतलब होता है किसी तरह से जाना । दोस्तों जाना के बारे मे आप अच्छी तरह से समझ सकते हैं। दोस्तों जाना एक प्रकार की क्रिया होती है जोकि आप रोज करते हैं। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए आप इस बात को समझ सकते हैं।

जाना का विलोम शब्द?

‌‌‌दोस्तों हम आपको यहां पर एक कहानी के बारे मे बताने वाले हैं। तो आइए जानते हैं। दोस्तों प्राचीन काल की बात है एक गांव के अंदर तोता और मैना नाम की दो लड़कियां रहती थी। वे काफी होशियार थी। और हर काम के अंदर काफी अच्छी हुआ करती थी। दोनों बहन तो नहीं थी लेकिन यह काफी अच्छी दोस्त थी । और दोनों  ‌‌‌के घरवाले काफी अधिक पसंद करते थे । इसी तरह से दिन निकलते गए और उसके बाद दोनों शादी के योग्य हो गई । तो सबसे पहले तोता की शादी के लिए लड़का उसके घर आया । तोता से पूछा गया  कि क्या उसे लड़का पसंद है तो तोता ने लड़के से बात करने की इच्छा जाहिर की । तो दोनों अकेले मे मिले तोता ने कहा कि आप ‌‌‌आप इस जीवन से क्या चाहते हैं ? तो लड़के ने कहा कि वह काफी अधिक धन कमाना चाहता है। उसके बाद वह एक कार खरीदेगा । और फिर मस्ती से रहेगा । और आपको बहुत ही खुश रखेगा । उसके पापा का सोने का बिजनेस है। उसके बाद तोता वापस आई और अपने पिता से कहा कि वह लड़के को पसंद नहीं करती है।

‌‌‌यह सुनकर पिता काफी हैरान थे । उनको समझ नहीं आ रहा था कि इतना पैसे वाले लड़के को भी तोता क्यों नहीं चुन रही है। उसके बाद उसके माता पिता ने मैना के पास उसी लड़के को भेजा । मैना ने उस लड़के से बात की तो वही बात उस लड़के ने बोली तो मैना ने हां कह दिया ।

‌‌‌उधर मैना के मां बाप काफी खुश थे कि उनको जो दामाद मिल है वह काफी अमीर है। और उनकी बेटी काफी अधिक खुश रहेगी । उधर तोता के माता पिता ने अपनी ही बेटी को भला बुरा कहना शूरू कर दिया और कहा कि तोता तुम गलत कर रही हो मैना तुम्हारी सहेली है उसके बाद भी उसने देखो सही पति चुना है।

‌‌‌इस पर तोता ने कहा कि वक्त बताएगा कि क्या सही है और क्या गलत है ?कुछ दिन बाद मैना की शादी हो गई और वह बड़ें बड़े बंगलों के अंदर रहने लगी । उसके बाद तोता के लिए उसके माता पिता एक और लड़के को लेकर आए जोकि अधिक पैसे वाला नहीं था तो तोता ने उसको अपने पास बुलाया और पूछा तुमको इस जीवन से क्या ‌‌‌ चाहिए ? तो लड़के ने जवाब दिया कुछ नहीं बस मुक्ति चाहिए । इससे बड़ी मेरी और कोई चाहत नहीं है। उसके बाद तोता ने पूछा तो मुक्ति नहीं होने का कारण क्या है ? लड़के ने जवाब दिया हमारी वासना तोता काफी खुश हो गई क्योंकि बहुत मुश्किल से उसकी पसंद का लड़का उसे मिला है । क्योंकि वह पहले ही ‌‌‌कई लड़कों को रिजेक्ट कर चुकी थी।

‌‌‌उसके बाद तोता ने शादी के लिए हां बोल दिया । उसके माता पिता को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि तोता ने ऐसा इस लड़के के अंदर क्या देख लिया कि अमीर घर के लड़कों को ठुकरा दिया । लेकिन उन्होंने तोता की बहुत ही जल्दी शादी करदी । इसी तरह से कुछ साल बीत गए और तोता और मैना कभी मिली नहीं । ‌‌‌एक दिन तोता अपने पति के साथ घर आई थी। अपने पिहर के अंदर तो मैंना भी वहां पर आई हुई थी। तो जैसे ही मैंना ने तोता को देखा तो वह उसके पास दौड़ी चली आई और बोली कैसी है तू बड़े दिन बाद मिल रही है ?

……हां ठीक हूं तू कैसी है तोता ने कहा ।और अपनी यह क्या हालत बना रखी है । मांग मे सिंदूर तक नहीं ‌‌‌ है। क्या पति की मौत हो गई ?

……नहीं पति की मौत नहीं हुई है । मेरे पति ने मुझे छोड़ दिया और दूसरी शादी करली  मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं ? और अब कोई भी मुझे अपनाने को तैयार नहीं है। यार बहुत बड़ी गलती करदी मैने उस लड़के से शादी करके । ‌‌‌एक तू है जोकि जीजा जी तुझे अपनी पलकों पर बैठाकर रखते हैं। शादी के बाद और मोटी हो गई है। बहुत खुश रहती है तू

……सो तो है यार मुझे बस वो पसंद थे । इसलिए मैंने शादी की आज भी हमारे प्यार मे कोई कमी नहीं है। भले ही उनके पास पैसा नहीं है। लेकिन दिल तो कम से कम है। एक अच्छे इंसान तो हैं । और ‌‌‌इंसान को चाहिए क्या दौ वक्त की रोटी ठीक से मिल जाए । और शौक तो किसी के पूरे नहीं होते हैं।

…..अच्छा चल बता तूने उस लड़के को रिजेक्ट क्यों किया ?

…..अबे तू नहीं जानती है। वह लड़का अपने पैसे का घमंड रखता था और जिस इंसान को यही पता नहीं है कि वह यहां पर क्यों पैदा हुआ है ? तो इस ‌‌‌का इंसान तो धर्म के विरूद्ध ही काम करेगा । जो धर्म का पालन करेगा । उसे सब कुछ अपने बारे मे पता होगा । जिसका मकसद धन हो जाता है जो मन की माया से मोहित है वह कभी भी हमारा भला नहीं कर सकता है। जिस लड़के को मैंने चुना । उसे अच्छी तरह से यह पता था कि वह क्या है और क्यों है।

‌‌‌बस यही तो मैं चाहती थी । और वह धर्म का पालन करता है। क्योंकि उसे सत्य का पता है। झूठ मे वह नहीं जीता है तो ऐसी स्थिति के अंदर वह एक पतिव्रता स्त्री को छोड़ने का पाप कैसे कर सकता है। यह अधर्म है और वह चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकता है। मैं चाहे उसके उपर कितना भी गुस्सा करूं । एक शब्द मुझे नहीं ‌‌‌ कहता है। क्योंकि वह जानता है कि सब कुछ ऐसा हमेशा नहीं रहने वाला है। मेरी हर जरूरत का ध्यान रखता है। अब तो मैं खुद इतना अधिक उसे पसंद करती हूं कि क्या बताउं ।

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