paryayvachi shabd – My Blog http://www.pk.sawpanresearch.online My WordPress Blog Mon, 19 Feb 2024 10:59:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 prem ka vilom shabd प्रेम का विलोम शब्द क्या होगा ? http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/prem-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/prem-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:59:06 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9118 Read more]]>
  • प्रेम का विलोम शब्द, प्रेम शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, प्रेम का उल्टा , prem ka vilom shabd

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    प्रेमघृणा  
    unnatiAvnati
      love    Hatred

    ‌‌‌प्रेम का विलोम शब्द ‌‌‌और अर्थ prem ka vilom shabd

    ‌‌‌‌‌‌प्रेम का विपरित नफरत है। ‌‌‌प्रेम की परिभाषा देना बहुत कठिन है। क्योंकि ‌‌‌प्रेम एक व्यापक शब्द है। और इसको किसी एक परिभाषा के अंदर नहीं बांधा जा सकता है। ‌‌‌प्रेम एक एहसास है । ‌‌‌प्रेम दिल से होता है दिमाग से नहीं होता है। आपके पास किसी के लिए अच्छी भावनाएं हैं और अच्छे विचार हैं तो ‌‌‌आपके मन मे उसके प्रति ‌‌‌प्रेम है।‌‌‌प्रेम आपकी किसी के प्रति मजबूत भावना हो सकती है। जब आप किसी से नीजी तौर पर जुड़ जाते हैं।वैसे ‌‌‌प्रेम सिर्फ प्रेमी प्रेमिका के बीच ही नहीं होता है। असल मे ‌‌‌प्रेम एक इंसान और जानवर के बीच भी हो सकता है।

    प्रेम का विलोम शब्द

    ‌‌‌इस प्रकार से प्रेम के अनेक रूप होते हैं।लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए हर प्रकार का प्रेम अलग अलग होता है। पिता और पुत्र का प्रेम अलग होता है तो माता और पिता का प्रेम अलग होता है। लेकिन जब प्रेम शब्द बोला जाता है तो हमारे मन मे सिर्फ प्रेमी प्रेमिका का ही विचार आता है। ‌‌‌क्योंकि प्रेम का यही रूप सबसे अधिक चर्चा का विषय बनता है। क्योंकि यहां पर प्रेम का शुद्ध रूप नहीं होता है। इसके अंदर वासना होती है। और जहां पर वासना होती है तो यह इंसान के विवेक को नष्ट कर देती है।

    ‌‌‌अक्सर आपने सुना होगा कि प्रेमिका की शादी नहीं होने पर प्रेमी ने खुद को फांसी लगाली या फिर किसी ने एकतरफा ‌‌‌प्रेम के अंदर खुद की जान लेली तो यह ‌‌‌प्रेम का शुद्ध रूप नहीं वरन वासना की विवेक शून्यता होती है।

    ‌‌‌यदि हम बात करें प्रेमी प्रेमिका के ‌‌‌प्रेम की तो इसके दो रूप होते हैं।एक तरह के ‌‌‌प्रेम को सच्चा ‌‌‌प्रेम कहा जाता है तो दूसरे को झूठा ‌‌‌प्रेम कहा जाता है। सच्चा ‌‌‌प्रेम वह होता है जब आपका साथी दुख के अंदर भी आपका साथ नहीं छोड़ता है। अक्सर लड़के अपनी प्रेमिका के साथ शादी से पहले अच्छी बातें करते ‌‌‌हैं लेकिन शादी के बाद उनका असली चेहरा सामने आ जाता है।लेकिन सच्चा प्रेमी वह होता है जो आपको हमेशा पसंद करता है।

    ‌‌‌और यदि हम बात करें झूठे प्रेम की तो यह बस आपका इस्तेमाल करता है। और जब काम पूरा हो जाता है तो आपको छोड़ देता है। अक्सर यह लड़कियों के साथ होता है। बहुत से लड़के लड़कियों के साथ संबंध बनाते हैं और उसके बाद छोड़ देते हैं। लड़कियां बेचारी कुछ नहीं कर पाती हैं। ‌‌‌उनके साथ धोखा हुआ होता है।वैसे भी आजकल कोई भी जिम्मेदारी से बचाना चाहता है। सब फायदा उठाना चाहते हैं।

    ‌‌‌इस प्रकार से आप झूठे और सच्चे ‌‌‌प्रेम के बारे मे जान सकते हैं। असल मे ‌‌‌प्रेम किया नहीं जाता हो जाता है पर असल मे जो ‌‌‌प्रेम करता है वही आगे जाकर सफल होता है क्योंकि उसको खुद पर नियंत्रण रहता है।

    ‌‌‌नफरत का मतलब

    वैसे ‌‌‌प्रेम का उल्टा नफरत होता है।जब हम किसी से ‌‌‌प्रेम करते हैं और वह हमे धोखा देता है और यह हमे पता चल जाता है तो सारा ‌‌‌प्रेम समाप्त हो जाता है। और उसके बाद हम उससे नफरत करने लग जाते हैं। वैसे आज आपको अपने रिश्ते के प्रति ईमानदार इंसान कम ही मिलेंगे । अधिकतर इंसान बेईमान ‌‌‌ ही मिलेंगे ।कारण यह है कि आप अपने साथी को सिर्फ तभी धोखा नहीं देते हैं जब आप अनैतिक संबंधों को रियल मे स्थापित करते हैं वरन आप तब भी धोखा दे रहे होते हैं जब आप वैचारिक संबंध स्थापित करते हैं। और बहुत से लोग तो वैचारिक संबंधों ‌‌‌को महत्व देते हैं।

    ‌‌‌हालांकि ‌‌‌प्रेम मे धोखा देना इंसान के लिए संभव होता है। जब आप किसी जानवर से ‌‌‌प्रेम करते हैं तो जानवर आपको कभी धोखा नहीं देते हैं क्योंकि उनको बस खाने की और आपके ‌‌‌प्रेम की जरूरत होती है बाकी वो कुछ भी गलत नहीं करते हैं।

    • ‌‌‌जब आप किसी से ‌‌‌प्रेम करते हैं तो आप उसके बारे मे दिन रात अपने आप ही सोचने लग जाते हैं और आपके दिमाग से निकलती अद्रश्य तरेंगे । उस इंसान को प्रभावित जरूर करती हैं जिसके बारे मे आप सोचते हैं।
    • ‌‌‌‌‌‌प्रेम का नशा कोकिन के नशे के समान होता है।यदि आपने कोकिन लिया है तो आपको पता होगा कि इसका नशा कितना गहरा होता है। एक बार लत लगने के बाद यह छूटता नहीं है। ‌‌‌प्रेम भी कुछ इसी प्रकार से है।
    • ‌‌‌जब हमे प्यास लगती है तो हम पानी पीते हैं और भूख लगती है तो खाना खाते हैं भूख लगाना एक शारीरिक प्रोसेस है। उसी प्रकार से ‌‌‌प्रेम भी एक शारीरिक भूख होता है। इसका पूरा बॉयलोजिकल प्रोसेस होता है।
    • ‌‌‌जब हम ‌‌‌प्रेम मे पड़ जाते हैं तो अपने साथी को कष्ट मे देखने पर हमे कष्ट होता है।यदि आपको किसी के आंसू सहन नहीं हो पा रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप उसे ‌‌‌प्रेम करते हो । उसके आंसू देखकर आपके आंसू निकल जाना ही तो ‌‌‌प्रेम है।
    • ‌‌‌कुछ रिसर्च बताते हैं कि जो इंसान सुबह उठकर रोजाना अपनी पत्नी को किस करता है वह उम्र मे 5 साल अधिक जीते हैं । हो ना हो यह थ्योरी यह कहती है कि इंसान की उम्र पत्नी पत्नी के रिश्ते मे मौजूद प्यार से बढ़ सकती है।
    • ‌‌‌आपने देखा होगा कि कई लड़के ही लड़कियों से अपने प्यार का इजहार करते हैं । कारण यह है कि लड़के जल्दी ही अपने प्यार को पाना चाहते हैं जबकि लड़कियां प्यार का इजहार करने मे समय लगाती हैं।
    • ‌‌‌प्यार के अंदर ब्रेकअप होना भी कोई आम बात नहीं है। आजकल यह बहुत अधिक होता है।और विदेशों के अंदर तो रोज गर्लफ्रेंड बदली जाती है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ब्रेकअप का दुख लड़कों को सबसे अधिक होता है।
    • ‌‌‌प्यार के अंदर जानवरों के लिए जिस प्रकार से मौसम मायने रखता है। उसी प्रकार से इंसानों के लिए भी मौसम काफी मायने रखता है।रिसर्च बताते हैं कि सबसे अधिक प्यार का इजहार नवम्बर के महिने मे होता है।
    • ‌‌‌क्या आपने सोच है कि पूरी दुनिया के अंदर एक दिन अपने प्रेमी के साथ कितने लोग डेट पर जाते हैं ? असल में एक दिन के अंदर 30 लाख से अधिक लोग अपने प्रेमी के साथ डेट पर जाते हैं।
    • ‌‌‌अकेलापन सबसे बुरा होता है। और कई बार अकेलेपन की वजह से इंसान सुसाइड कर लेता है।जिस इंसान को जिंदगी के अंदर प्यार नहीं होता है वह अकेलेपन का शिकार हो जाता है।

    प्रेम का विलोम शब्द, प्रेम शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, प्रेम का उल्टा , prem ka vilom shabd ‌‌‌लेख आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके बताएं ।

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    unnati ka vilom shabd उन्नति का विलोम शब्द क्या होगा ? http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/unnati-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/unnati-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:59:04 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9117 Read more]]>
  • उन्नति का विलोम शब्द, ‌‌‌सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, उन्नति का उल्टा , unnati ka vilom shabd

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    उन्नतिअवनति  
    unnatiAvnati
         

    ‌‌‌उन्नति का विलोम शब्द और अर्थ Inverse word and meaning of advancement

    उन्नति का मतलब होता है प्रगति करना । या तरक्की करना ही उन्नति है। और इसका विलोम शब्द अवनति है । जैसे आप कोई बिजनेस कर रहे हो और आपको बिजनेस सक्सेस की तरफ बढ़ रहा है तो आपके बिजनेस के लिए हम कहेंगे कि आप उन्नति कर रहे हो । इसी प्रकार से यदि आप ‌‌‌कोई सरकारी नौकरी कर रहे हैं और आपको बड़ा पद दिया जाता है तो इसका मतलब यह है कि आप उन्नति कर रहे हो ।

    unnati ka vilom shabd

    दोस्तों उन्नति करने के लिए मेहनत करनी होती है।

     यदि आप मेहनत नहीं करते हैं तो कभी भी उन्नति हाशिल नहीं कर सकते हैं। वैसे आपको बतादें कि उन्नति करने के दो तरीके हैं । पहला तरीका है ‌‌‌नियमों से उन्नति करो और दूसरा तरीका है आप गलत कार्य करते हुए उन्नति करों ।जैसे बहुत से लोग सरकारी नौकरी को प्राप्त करने के लिए रिश्वत देते हैं और उसके बाद सरकारी नौकरी हाशिल कर लेते हैं। यह धांधली आजकल बहुत अधिक चल रही है।

    ‌‌‌उन्नति का दूसरा नाम प्रगति है। आप यदि प्रगति कर रहे हैं तो यह आपको खुश कर सकता है। प्रगति करता हुआ इंसान कभी भी निराश महसूस नहीं करता है। इस प्रकार से उन्नति इंसान के जीवन के अंदर खुशियां लेकर आती है।

    अवनति का अर्थ

    उन्नति का उल्टा अवनति होता है जिसका मतलब है पतन हो जाना । आपने कई बार सुना होगा कि सरकारी बाबू का डिमोशन कर दिया और उसे चपरासी बनादिया है। जिसका मतलब यह है कि उसकी अवनति हुई है। नीचे की ओर गति ही अवनति होती है। जैसे आज आप लाखों रूपये कमा रहे हैं लेकिन अचानक से आपकी इनकम ‌‌‌कम हो जाती है तो उसके लिए हम यही कहेंगे कि अवनति हुई है। जैसे आज आप एक अच्छे इंसान हैं और आपके होने वाले बच्चे आपके जितने अच्छे नहीं बन पाते हैं तो इसका मतलब यह है कि वे अवनति की ओर चले गए हैं। और यदि वे काफी घटिया काम करने लग जाते हैं तो उनको बाप का नाम खराब ना करने के लिए कहा जाता है।

    अवनति का अर्थ यह भी है कि आज आपका बिजनेस अच्छा चल रहा है लेकिन धीरे धीरे यदि वह कमजोर पड़ रहा है तो इसका अर्थ यह है कि आपके बिजनेस की अवनति हो रही है।

    ‌‌‌इस प्रकार से अवनति इंसान के जीवन के अंदर दुख लेकर आती है। क्योंकि अवनति इंसान के मन मे चिंता पैदा करती है कि अब वह बरबादी की तरफ जा रहा है उसका क्या होगा ?

    उन्नति और अवनति की कहानी Story of progress and decadence

    ‌‌‌प्राचीन काल की बात है। एक नगर के अंदर दो किसान उन्नति और अवनती रहा करते थे ।दोनों अच्छे पड़ोसी थे।लेकिन दोनों के स्वाभाव एक दूसरे से मेल नहीं खाते थे । उन्नति वहीं अच्छे स्वाभाव का था तो अवनति अपने नाम के अनुसार ही अच्छे स्वाभाव का नहीं था। एक बार जब बारिश काफी लेट हुई तो ‌‌‌अवनति ने अपना खेत जोतने का विचार यह सोच कर त्याग दिया कि अब खेत मे कुछ अनाज तो होने वाला नहीं है क्योंकि बारिश लेट हुई है। इसके विपरित उन्नति ने अपने खेत को जोता । उसका विश्वास था कि शायद कुछ हो जाए ।

    ‌‌‌जब अवनति ने देखा कि उन्नति खेत जोत रहा है तो वह उसके पास गया और उसे बोला ……..अरे भाई फालतू मे क्यों परेशान हो रहे हो अबकि बार कुछ नहीं होगा ।

    ……..खेत को जोतना तो हमारा काम है। क्या पता कुछ हो जाए ।

    अवनति के समझाने के बाद भी जब उन्नति नहीं माना तो अवनति चला गया और उन्नति ने ‌‌‌अपना सारा काम खत्म किया फिर घर आ गया ।इसी प्रकार कुछ दिन बीत गए और उन्नति के खेत के अंदर अनाज उग आया । अवनति को जब पता चला तो वह मन ही मन जल गया और सोचा कि उन्नति तो अब अधिक पैसा कमा लेगा और वह खुद रह जाएगा ।

    ‌‌‌उन्नति को नुकसान पहुंचाने के लिए अवनति रात मे उसके खेत मे गया और कुछ आवारों पशुओं को खेत मे घुसा कर आ गया । सुबह तक पशुओं ने उन्नति  के खेत को चट कर दिया। सुबह जब उन्नति खेत मे पहुंचा तो पशुओं को देखकर दंग रह गया । उसे पता चल गया था कि  ‌‌‌होना हो । यह अवनति का ही काम हो सकता है और उसके बाद से वह रात मे खेत मे ही सोने लगा ।उधर कुछ महिने बीते और उन्नति ने अपनी फसल को काटना शूरू कर दिया । और बहुत सारा अनाज निकाल कर अपने घर मे ले आया । जब अवनति को पता चला तो वह काफी जल गया । और सोचने लगा कि किस प्रकार से उन्नति के अनाज को ‌‌‌छीन लिया जाए ।उसके बाद अवनति ने दिमाग लगाया तो रात के अंदर अवनति ने उन्नति के अनाज की 5 बोरी चुरा ली और अपने घर मे डाल दी । बेचारा उन्नति को जब 5 बोरी कम मिली तो वह उनका पता लगाने की कोशिश करने लगा लेकिन असफल रहा ।

    ‌‌‌उधर अवनति ने अनाज चोरी किया और मौज से बिना काम धाम के रहने लगा कुछ दिन अवनति के मजे मे गुजरे फिर जब सारा अनाज समाप्त हो गया तो अवनति बस चोरी करने की सोचने लगा । उसे लालच आ गया था। अब अवनति किसी दूसरे पड़ोसी के घर मे रात को गया और कुछ सोने के जेवर को चोर कर जैसे ही भागा पीछे से किसी ने ‌‌‌एक लठ अवनति की ओर फेंका ।

    जिससे उसका पैर टूट गया लेकिन रात का समय था तो हिम्मत करके अंधेरे मे गायब हो गया । अब किसी तरह से अवनति घर पहुंचा काफी दर्द हो रहा था। लेकिन किसी तरह से पत्नी को जगाया और पैर पर मालिस करवाई ।

    ‌‌‌अब अवनति को समझ आ गया कि बुरा काम करने का बुरा नतीजा होता है।यदि वह उन्नति की 5 बोरी नहीं चुराता जो जिंदगी भर के लिए लगड़ा नहीं होता । जो इंसान एक बार गलत काम के अंदर फंस जाता है उसके बाद वह तब तक नहीं निकल पाता जब तक कि उसको भयंकर नुकसान ना हो । ‌‌‌लेकिन अब अवनति के पास पछतावे के शिवाय कुछ भी नहीं था।

    उन्नति का विलोम शब्द, ‌‌‌सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, उन्नति का उल्टा , unnati ka vilom shabd लेख आपको पसंद आया होगा यदि आपका कोई विचार है तो बताएं ।

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    सुंदर का विलोम शब्द sundar ka vilom shabd http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/sundar-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/sundar-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:59:03 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9116 Read more]]>
  • ‌‌‌सुंदर का विलोम शब्द, ‌‌‌सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, ‌‌‌सुंदर का उल्टा , sundar ka vilom shabd

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    ‌‌‌सुंदरकुरूप  
    SundarKurup
      beautiful     Ugly 

    ‌‌‌सुंदर का विलोम शब्द ‌‌‌और अर्थ Antonyms and Meaning of beautiful

    सुंदर का विलोम शब्द

    ‌‌‌सुंदर का विलोम शब्द कुरूप होता है। वैसे सुंदरता की परिभाषा देना बहुत ही कठिन है। क्योंकि सुंदर एक प्रकार का मनोवैज्ञानिक  तत्व है। एक इंसान के मन को जो चीज अच्छी लगती है वही उसके लिए सुंदर होती है। इसका अर्थ यह हुआ कि आपके लिए सुंदरता कोई और हो सकती है जो किसी दूसरे के लिए बदसूरत हो ‌‌‌सकती है।

    ‌‌‌इस प्रकार से एक इंसान के लिए सुंदरता का मतलब कुछ और हो सकता है तो दूसरे के लिए कुछ और हो सकता है। इसके अलावा कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो सभी को समान रूप से सुंदर लग सकती हैं। जैसे कि लगभग सभी को तीखे नैन नक्स वाली और बड़े बड़े स्तनों वाली स्त्री पसंद आती है ।

    इसी प्रकार से ‌‌‌स्त्री का गौरा रंग भी सुंदरता का परिचायक होता है।इसी प्रकार से वस्तुओं पर भी यह मापदंड लागू होता है। मोर्डन डिजाइन की गाडियां आपको अधिक सुंदर लग सकती हैं लेकिन पुरानी गाडियों की डिजाइन आपको बेकार लग सकती है। असल मे यह बेकार नहीं होती है। बस यह मनोभाव होता है। ‌‌‌रियल के अंदर सुंदरता का मतलब जो आपके मन को संतुष्ट करें  वही है।

    ‌‌‌कुरूप का मतलब क्या होता है ?

    सुंदरता के विपरित वर्ड बदसूरत या कुरूप होता है।कुरूप का मतलब यही है कि जो आपको देखने मे अच्छा ना लगे वही तो कुरूप होता है। जैसे कि कोई गाड़ी टूटी फूटी है यदि वह आपको अच्छी नहीं लग रही है तो वह कुरूप हो सकती है। हालांकि कुरूप का मतलब भद्दापन होता है।

    ‌‌‌जैसे काले रंग को अक्सर अच्छा नहीं माना जाता है। यदि कोई पुरूष काले रंग का है।इसके अलावा यदि उसका चेहरा भी देखने मे काफी टेड़ा मेड़ा लगता है तो इसको हम कुरूप ही कहेंगे ।

    ‌‌‌इस प्रकार से बदसूरत को कुरूप कहते हैं। आप समझ सकते हैं कि एक लड़की के चेहरे को कुरूप बनाने के लिए उसके उपर तेजाब वैगरह फेंका जाता है और जिससे उसके चेहरे को जला दिया जाता है। भारत के अंदर अनेक ऐसी लड़कियां हैं जिनके चेहरे पर तेजाब फेंक कर उनके चेहरे को जला दिया गया है।

    ‌‌‌सुंदरी और असुंदरी की कहानी

    प्राचीन काल की बात है।रामेश्वर काका के दो बेटी थी एक का नाम सुंदरी और दूसरी का नाम असुंदरी था। सुंदरी नाम के अनुसार बहुत ही सुंदर थी वहीं असुंदर काफी कुरूप थी। दोनों जब बड़ी हुई तो उनको स्कुल के अंदर भर्ति करवा दिया गया ।

     स्कूल मे हर कोई सुंदरी के साथ रहता था ‌‌‌ लेकिन असुंदरी के साथ कोई भी रहना पसंद नहीं करता था।और इसी वजह से असुंदरी कक्षा के अंदर भी  अकेली बैठती थी। लेकिन उसके मन मे कभी भी अपनी बहन के प्रति द्धवेष नहीं होता था। लेकिन उसकी बहन सुंदरी को भी यह देखकर काफी घमंड़ हो गया कि वह काफी सुंदर है और सब उसे पसंद करते हैं।

    ‌‌‌जब दोनों बहनों ने पढ़ाई पूरी करली तो रामेश्वर काका नें उनके लिए वर की तलास करनी शूरू करदी । सुंदर के लिए तो एक लड़का बहुत ही जल्दी मिल गया लेकिन असुंदरी को जो भी देखने आता उसके काले रंग की वजह से शादी के लिए मना कर देता है। असुंदर को अब तक कई लड़के देखने के लिए आए लेकिन किसी ने भी हां ‌‌‌ नहीं भरी । समय अपनी गति से चला जा  रहा था तो रामेश्वर काका ने सुंदरी की एक बहादुर नामक लड़के से शादी करदी और असुंदरी के बारे मे वह सोच कर परेशान था कि यह काफी काली है इससे कौन शादी करेगा ?

    ‌‌‌इस प्रकार सुंदरी यह आश छोड़ चुकी थी कि उसकी शादी होगी ।और अब तो जहां पर भी वह जाती गांव का कोई भी कुंवारा लड़का उसकी तरफ से आंख फेर लेता । मतलब उसे वह पसंद नहीं करता था। इसी प्रकार कुछ दिन बीत गए । ‌‌‌एक बार सुंदर गांव से शहर गई और वहां पर उसे एक  लड़का मिला जो सब्जी बेचा करता था। वह असुंदरी को पहले से ही जानता था ।हालांकि असुंदरी उसे नहीं जानती थी। वह उससे बोला ………..अरे असुंदरी तुम आज यहां पर कैसे आई हो ? सुना है तुम्हारी बहन की तो शादी हो गई पर …….

    …..पर मेरी शादी नहीं हुई है। ‌‌‌असुंदरी के मुख से निकल ही गया ।

    ……..अरे यार शादी के लिए कौन शौक करता है ?पहचाना मुझे मैं तुम्हारे साथ पढ़ने वाला मोहन

    ….ओह मोहन अब तुम कैसे हो और बाल बच्चे कैसे हैं ?

    …….शादी नहीं हुई तो बाल बच्चे कैसे होंगे ?

    …..मगर तुम तो सुंदर भी हो और जवान भी ?

    …..हूं मगर अभी अच्छी लड़की ‌‌‌ नहीं मिली है।

    —– ‌‌‌चलो मैं घर तक छोड़ देता हूं । मेरे पास बाइक है ।

    ……..नहीं नहीं कुंवारी लड़की इस प्रकार किसी पर मर्द के पीछे बैठेगी तो लोग क्या सोचेंगे ?

    …….अरे फालतू मे टेंशन क्यो लेती हो अपना चेहरा ढक लेना ।

    और उसके बाद असुंदरी मोहन के बाइक के पीछे बैठी और मोहन उसे घर छोड़कर आ गया । ‌‌‌और इस प्रकार असुंदरी कभी कभी और मोहन से ढेर सारी बातें करती । इसी प्रकार से कुछ दिन बीत गए । और असुंदरी को अब लग गया कि वह मोहन से दिल लगा बैठी लेकिन कह नहीं पा रही थी और एक दिन हिम्मत करके कह भी दिया कि वह तुझ से प्यार करती है और अब शादी करना चाहती है।

    ‌‌‌बस उसके बाद तो शादी के लिए मोहन तैयार ही था दोनों की शादी हो गई और दोनों मस्ती से अपना जीवन काटने लगे । इसी प्रकार कुछ समय बीत गया और दोनों को एक बच्चा भी हो गया ।

    ‌‌‌एक दिन असुंदरी की बहन सुंदरी उनके यहां पर आई और बोली …..बहना किस्मत वाले खाते हैं और रूपवाले रोते हैं। कल तक मैं अपनी सुंदरता पर घमंड करती थी आज वही सुंदरता मेरी जान की दुश्मन बनी हुई है।मैंने अपने पति को धोखा दिया तो उसने मुझे तलाक देदिया आज मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं तो एक कोठे पर ‌‌‌रहने वाली बन चुकी हूं ।उसके बाद असुंदरी ने अपनी बहन की मदद की और उसके दुखों को दूर किया ।

    ‌‌‌सुंदर का विलोम शब्द, ‌‌‌सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, ‌‌‌सुंदर का उल्टा , sundar ka vilom shabd ‌‌‌उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा यदि आपका कोई विचार हो तो नीचे कमेंट करें ।

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    pasand ka vilom shabd ‌‌‌ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/pasand-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/pasand-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:59:01 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9114 Read more]]> ‌‌‌पंसद का विलोम शब्द क्या होता है ? पसंद का उल्टा ,पंसद का विपरित शब्द क्या होता है ? pasand ka vilom shabd

    शब्द (word)विलोम(apposition)
    पसन्दनापसन्द
    PasandNapasand

    ‌‌‌पसंद का विलोम शब्द और अर्थ Antonyms and meanings of choice

    ‌‌‌पसंद का मतलब होता है जो चीज आपके मन को भा जाए जैसे कि आप किसी जगह पर जूते खरीदने के लिए जाते हैं और वहां पर कोई जूतों की जोड़ी आपके मन को सबसे अधिक अच्छी लगती है तो वह आपकी पसंद होती है।इसी प्रकार से यदि कोई कपड़ा आपको अच्छा लगता है तो वह भी आपकी पसंद होती है। वैस आपको बतादें कि इंसान की ‌‌‌पंसद कभी भी स्थिर नहीं रहती है। वह हमेशा बदलती रहती है। जैसे आप किसी दुकान पर गए वहां पर आपने एक कपड़ा देखा जो पसंद किया लेकिन आप किसी दूसरी दुकान पर गये । वहां पर आपने कोई और कपड़ा देखा तो वह आपको अधिक अच्छा लगा तो वह भी आपको पसंद आ गया । ‌‌‌इस प्रकार से एक ही चीज के अंदर पसंद के कई सारे स्तर मौजूद होते हैं।आमतौर पर हर इंसान की इच्छा होती है कि वह उंचे स्तर की पसंद वाली वस्तु का चुनाव करे । और यही ठीक रहता है।

    Vilom Shabd of Pasand

    ‌‌‌वैसे पसंद वर्ड बहुत अधिक व्यापक होता है।दुनिया के अंदर जितनी भी चीजें हैं सब के अंदर पंसद और ना पसंद होती है। एक छोटी से छोटी चीज से लेकर बड़ी से बड़ी चीज तक पसंद और ना पसंद मौजूद होती है।

    ‌‌‌नापसंद का अर्थ और मतलब Meaning of Dislike

    दोस्तों ना पसंद का अर्थ होता है जो आपके मन को मोह ना कर सके वह आपकी ना पसंद होती है। जैसे कि आप कहीं पर लड़की देखने के लिए जाते हैं और वहां पर आपको वह लड़की पसंद नहीं आती है तो हम उसे आपकी नापसंद ही तो कहेंगे।

    ‌‌‌जिस प्रकार से पसंद होती हैं उसी प्रकार से ना पसंद भी होती हैं।लेकिन आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि एक इंसान की ना पसंद हमेशा पसंद कि तुलना मे अधिक होती हैं। कारण यह है कि दुनिया के अंदर अधिकतर चीजें ना पसंद ही होती हैं। पसंद वह होती हैं जो हमसे जुड़ी हैं और प्रिय भी हैं।

    ‌‌‌वैसे आपको बतादें कि नापसंद के भी स्तर होते हैं।जैसे कि कुछ चीजों को हम बहुत अधिक नापसंद करते हैं तो कुछ चीजों को सामान्य रूप से नापसंद करते हैं तो कुछ चीजों के प्रति उदासीन होते हैं वो भी एक तरह से ना पसंद वाली ही होती हैं।

    ‌‌‌पसंद और ना पसंद दो बहनों की कहानी

    दोस्तों  प्राचीन काल की बात है एक गांव के अंदर दो बहने रहा करती थी ।इनका नाम पसंद और नापसंद था। दोनों का व्यवहार और शक्ल एक दूसरे के विपरित थी। पसंद जहां अच्छी शक्ल वाली थी तो नापसंद खराब और काले रंग की थी। जब दोनों विवाह योग्य हुई तो पिता ने आनन फानन ‌‌‌लड़के देखना शूरू कर दिया ।

    कई लड़के दोनों बहनों को देखने के लिए आए लेकिन नापसंद बहन किसी को भी पसंद नहीं आती थी । जबकि पसंद को हर कोई पसंद कर लेता था। उसके बाद अंत मे एक लड़के को नापसंद भी पसंद आ गई । बाप ने धूमधाम से दोनो की शादी करदी ।

    ‌‌‌दोनों बहनो का ससुराल दूर दूर था।पसंद बहन इतनी अच्छी थी कि ससुराल जाते ही सब का दिल जीत लिया और सारे काम बहुत ही अच्छे तरीके से करती थी। उसका पति भी उसे बहुत अधिक पसंद करता था। उसके कुछ समय बाद पति तो विदेश चला गया और पसंद को एक बेटा भी हुआ । वह भी उसके जैसा ही था।

    ‌‌‌इस प्रकार से पसंद अपना जीवन काफी खुशी से जी रही थी लेकिन पसंद के पति की मौत विदेश के अंदर ही हो गई थी। उसके बाद पसंद के बुरे दिन शूरू हो गए ।हालांकि घर वाले पसंद को किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने देते थे लेकिन उसको अपने पति की बहुत अधिक याद आती थी। ‌‌‌ अपने पति कि याद के अंदर वह सूखती ही चली गई और अंत मे बिस्तर पकड़ लिया ।

    एक बार उसकी बहन नापसंद उसे मिलने के लिए आई तो बोली …….बहना तू अपनी कैसी हालत बना रखी है। आज मैं पसंद हो गई हूं और तू ना पसंद होती जा रही है। यह कैसा खेल है। आज से कुछ साल पहले जब मेरी शादी होकर आई थी तो मैं सबके ‌‌‌लिए अपने नाम के अनुसार ही नापसंद थी लेकिन अब समय बदल चुका है।मैं पसंद हो चुकी हूं और तुमको मैं देख रही हूं कि तुम्हारे पति की मौत होने के बाद तुम्हारी कोई कद्र नहीं कर रहा है।

    ‌‌‌…….क्या करूं बहना अब मेरा समय आ चुका है। पसंद रोते हुए बोली

    ……….नहीं अभी तो तुम्हें अपने बच्चे के लिए जीना है।

    …….नहीं मैं अब जिंदा नहीं रह सकती हूं । कल मेरी सास कह  रही थी कि मैं अब सबके उपर बोझ हूं इसलिए वह मेरे को अपने पिहर भेजना चाहती है जबकि तू तो जानती ही है कि ‌‌‌पिहर के अंदर कोई भी नहीं है।भाई भाभी को हमारी कोई कद्र नहीं है।

    ‌‌‌………ठीक है बहना खुद को जिंदा रखने की कोशिश कर ।समय का चक्र ऐसा होता है कि वह शेर को भी चूहा बनाने के लिए विवश कर देता है। कल तक तुझे अपने रूप पर घमंड था लेकिन आज तेरा वह रूप न जाने कहां खो चुका है। तुझे भी इस बात का एहसास हुआ होगा ।

    —- ‌‌‌सब जान चुकी हूं कि इस दुनिया के अंदर कुछ भी स्थाई नहीं है। यहां पर सब कुछ बदलता रहता है। पहले मैं सोचा करती थी कि सब खुशियां ऐसे ही रहेंगी लेकिन आज पता चला कि सुख के बाद तो दुख आना तय ही होता है वो बात अलग है कि हम दुख को सुख के जैसे जीते हैं तो हम जीना सीख गए हैं।

    ‌‌‌और उसके बाद पसंद नें वहीं पर अपने प्राण त्याग दिये । कल तक जो सबकी पसंद थी आज उसकी मौत पर कोई भी रोया ही नहीं था क्योंकि अब वह सबकी ना पसंद बन चुकी थी। यदि आप ना पसंद हैं तो पसंद बनने के लिए भी आपको तैयार रहना होगा ।

    पसंद का विलोम शब्द Vilom Shabd of Pasand लेख के अंदर हमने पसंद और ना पसंद के बारे मे विस्तार से जाना । इसके अलावा एक कहानी के माध्यम से भी पसंद और ना पसंद को विस्तार से बताया गया कि किस प्रकार से जीवन मे पसंद और ना पसंद आती रहती हैं।

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    सपने का विलोम शब्द sapne ka vilom shabd http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/bandhan-ka-vilom-shabd-2/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/bandhan-ka-vilom-shabd-2/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:59:01 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9115 Read more]]>
  • ‌‌‌सपने का विलोम शब्द, ‌‌‌सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, ‌‌‌सपने का उल्टा , bandhan ka vilom shabd

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    ‌‌‌सपनेजागरण  
    SwapnJagran
      dream    Awakening    

    ‌‌‌सपने का विलोम शब्द और अर्थ

    सपने का विलोम शब्द जागरण होता है। सपने का मतलब होता है कि नींद आने के बाद जो चलचित्र हम देखते हैं वह सपना ही होता है। सपना हमारे जीवन का अहम हिस्सा है और रोज हम कोई ना कोई सपना देखते ही रहते हैं।मुख्य रूप से कुछ सपनें काफी मजेदार होते हैं तो कुछ सपने डरावने ‌‌‌भी होते हैं।कुछ सपने काल्पनिक भी होते हैं। सपने मुख्य रूप से दो प्रकार के अंदर बांटे गए हैं। एक पॉजिटिव सपने होते हैं जो हमे कुछ अच्छा होने के बारे मे संदेश देते हैं। जैसे कि सपने के अंदर नया घर देखना ।

    सपने शब्द का विपरीतार्थक शब्द है

    यह सपना एक अच्छा संकेत दे रहा है। वहीं कुछ सपने ऐसे होते हैं जो ‌‌‌नगेटिव संदेश प्राप्त करते हैं। जैसे सपने मे किसी को घायल देखना और सपने मे किसी की मौत । इसके अलावा डरावने सपने वे होते हैं जो आपके अंदर डर पैदा करते हैं। जैसे आप सपने मे यदि किसी भूत को देखते हैं तो यह आपके लिए एक डरावना सपना कहलाता है।

    ‌‌‌सपने आने के कारण की बात करें तो इसके बहुत सारे कारण हैं। सपने मुख्य रूप से एक संकेत के रूप मे आते हैं जैसे कि आप किसी समस्या से परेशान हैं तो आपको उसी तरह के सपने मुख्य रूप से आएंगे । जैसे आप अपनी शादी को लेकर चिंतित हैं तो आप सपने मे किसी की शादी देख सकते हैं या फिर ‌‌‌सपने के अंदर खुद की शादी होती भी देख सकते हैं।इस प्रकार के सपने आपके लिए एक संदेश होते हैं कि आपको अपनी समस्या का समाधान करने की आवश्यकता है।

    ‌‌‌जागरण का अर्थ और मतलब

    सपने का उल्टा जागरण होता है।वैसे देखा जाए तो स्वप्न एक अवस्था का नाम है। और यह जाग्रत एक दूसरी अवस्था है जिसको जागरण भी कहते हैं। जब हम सपने देखते हैं तो स्वप्न अवस्था के अंदर होते हैं। यहां पर हमे समय का कोई भी पता नहीं चलता है। एक तरह से यहां पर समय बहुत ही स्लो ‌‌‌ हो जाता है।लेकिन जागरण के अंदर समय का पता चलता है। यह सबसे अच्छी अवस्था मानी गई है। इसके अंदर हम आसानी से तय कर सकते हैं कि हमे क्या करना है ? यही वजह है कि इंसानी जीवन को सबसे अच्छा माना गया है।

    ‌‌‌तो उम्मीद करते हैं कि आपको जागरण का मतलब समझ मे आ गया होगा ।वैसे जागरण के बाद स्वप्न और उसके बाद तुरिय अवस्था आती है । जहां पर कोई भी कल्पना नहीं होती है।

    ‌‌‌सपनों की दुनिया कहानी

    ‌‌‌शेख चिल्ली का नाम तो आपने सुना ही होगा जोकि एक करेक्टर है।एक बार शेख चिल्ली किसी सेठ के यहां पर नौकरी करता था। शेख चिल्ली आलसी था। सेठ का दिया हुआ कोई भी काम ठीक से नहीं करता था लेकिन शेख चिल्ली की मां की दशा को देखकर सेठ उसे काम से नहीं निकाल रहा था।‌‌‌एक बार सेठ ने अन्य मजदूरों को खेत मे काम करने के लिए भेज दिया और शेख चिल्ली को फैक्टरी के अंदर ही कोई काम लगा दिया । तभी फैक्टरी के अंदर एक गाड़ी आकर रूकी और गाड़ी से एक मटकी उतारी गई।

    ‌‌‌मटकी को उतारने के बाद एक मोटा व्यक्ति आया और बोला …….सेठ जी मटकी के अंदर घी भरा है। भाभीजी ने घी लाने के लिए बोला था । इसलिए लाया हूं उनतक पहुंचा देना ।

    सेठ को घी अभी पहुंचाना था तो उसने शेख चिल्ली को कहा …….देख वैसे तो तू लापरवाह है लेकिन यदि तूने यह काम कर दिया तो फिर तुझे मैं ‌‌‌एक सोने का सिक्का दूंगा ।

    ………लेकिन सेठजी काम क्या है ? शेख चिल्ली बीच मे ही बोल गया

    …….सुन यह घी से भरा मटका है। घर पर सही सलामत देकर आना है। याद रखना यदि यह गिर गया तो तैरी सैलरी से इसके पैसे कटेंगे ।

    ‌‌‌इतना सुनते ही शेख चिल्ली ने मटके को उठाया और जल्दी जल्दी चलने लगगा । वह सोचने लगा कि जैसे ही मटका घर पहुंचेगा । उसे एक सोने का सिक्का मिलेगा । उस सोने के सिक्के से वह एक मुर्गी खरीदेगा । उसके बाद उसे पालेगा । जब मुर्गी अंडे देगी तो उससे बच्चा निकलेगा और फिर इस प्रकार से उसके पास बहुत ‌‌‌सारे बच्चे हो जाएंगे ।उसके बाद वह एक मुर्गा फार्म चलाने लगेगा । मुर्गी को बेच कर वह अच्छे खासे पैसे वाला हो जाएगा । उसके पास एक कार होगी और उस कार से वह घूमा करेगा ।

    ‌‌‌फिर एक सुंदर से लड़की से उसकी शादी हो जाएगी ।वह लड़की एक हूर परी होगी और उसके बाद एक बच्चा भी होगा जो उसके आंगन के अंदर शरारते करेंगा।और वह भी उस बच्चे के साथ मस्ती करेगा । लेकिन तभी शेख चिल्ली ठोकर लगकर जमीन पर गिर जाता है। उसकी मटकी फूट जाती है। और सारा घी वहीं पर बिखर जाता है। बस फिर ‌‌‌ क्या था शेख चिल्ली वहीं पर बैठा रोने लग जाता है।अब वह घी को वापस नहीं समेट सकता है। उधर काफी समय बाद भी शेख चिल्ली घर मे नहीं जाता है तो सेठ का लड़का उसको तलास करते हुए वहां पर आ जाता है।

    ‌‌‌शेख चिल्ली उसको देखकर रोने लग जाता है। ………इसमे मेरी कोई गलती नहीं है।पता नहीं कैसे मटकी नीचे गिर गई और फूट गई थी।

    ……..ठीक है जाओ और आज से 2 महिने की पगार तुमको नहीं मिलेगी । और उसके बाद वह शेख चिल्ली को उठाकर ले जाता है व काम पर लगा देता है।

    ‌‌‌तभी तो कहते हैं कि सपने देखना बुरी बात नहीं है लेकिन इंसान को हमेशा उतने ही सपने देखने चाहिए जितने की वह झेल सकता है।यदि कोई शेख चिल्ली की तरह सपनो के साथ ही हवा के अंदर   उड़ने लगेगा तो कितने समय तक वह हवा मे रहेगा । उसे धरातल पर आना ही होगा । और जब उसका सपना टूटेगा तो दर्द होगा ।‌‌‌यदि कोई फालतू के सपने देखता है तो उसका अंजाम भी शेख चिल्ली की तरह ही होता है।

    ‌‌‌सपने देखना बुरा नहीं है लेकिन सिर्फ सपने देखना बुरा है। यदि आप प्रयास नहीं करते हैं तो सपने सिर्फ आपके मन को कुछ समय के लिए शांति दे सकते हैं।

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    प्रसन्नता का विलोम शब्द क्या है prasanta ka vilom shabd http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/prasanta-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/prasanta-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:58:59 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9134 Read more]]> प्रसन्नता का विलोम शब्द, प्रसन्नता शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, प्रसन्नता का उल्टा , prasanta ka vilom shabd,

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    प्रसन्नता‌‌‌खेद  
    PrasannataKhed
      Happiness  Regret 

    प्रसन्नता ‌‌‌का विलोम शब्द ‌‌‌ और अर्थ Antonyms and Meaning of Happiness

    प्रसन्नता का विलोम शब्द क्या

    प्रसन्नता को दूसरे शब्द मे खुशी व्यक्त करना कहा जाता है। दसरअल हम किसी बात को लेकर खुशी व्यक्त करते हैं। जैसे यदि कोई नौकरी लग गया है तो हम प्रसन्न होंगे क्योंकि यह हमारे लिए खुशी की बात है। ‌‌‌इसके अलावा शादी होना , सक्सेस होना , बिजनेस के अंदर आगे बढ़ना आदि खुशी व्यक्त करने के बारे मे ही है।

    ‌‌‌प्रसन्नता काफी बेहतरीन शब्द है। हर कोई प्रसन्न रहना चाहता है लेकिन यह संभव नहीं है कि हर कोई प्रसन्न हर समय रह पाए । क्योंकि जीवन के अंदर सुख और दुख प्रसन्नता और और अप्रसन्नता एक पहिये की भांति हैं जो आते जाते रहते हैं।

    ‌‌‌यदि आज आप प्रसन्न हैं तो आपको यह ज्ञात रखना चाहिए कि भले ही आज आपके अच्छे दिन चल रहे हैं लेकिन कल बुरे दिन भी आएंगे । वैसे कुछ इंसान ऐसे भी होते हैं जोकि बुरे समय के अंदर भी प्रसन्न रह सकेते हैं। क्योंकि उनको यह पता होता है कि बुरा समय हमेशा नहीं रहने वाला है। एक ना एक दिन बुरा समय ‌‌‌ जाएगा ही । ‌‌‌वैसे प्रसन्नता का मतलब होता है खुश होना ।

    ‌‌‌खेद का अर्थ और मतलब

    दोस्तों खेद का अर्थ होता है। दुख व्यक्त करना । जब किसी की मौत हो जाती है तो हम दुख व्यक्त करते हैं। और आमतौर पर दुख को व्यक्त करने के लिए उसके घर पर भी जाते हैं। हमारे यहां पर तो इस बात का प्रचलन है कि खेद को व्यक्त करने के लिए 12 दिन किये जाते हैं और उस समय ‌‌‌ सारे रिश्तेदार घर आते हैं और खेद व्यक्त करते हैं। खेद तब व्यक्त किया जाता है जब कोई बुरी घटना होती है। जैसे किसी की मौत हो जाती है तो उसके लिए खेद व्यक्त किया जा सकता है। या फिर किसी के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो भी खेद व्यक्त किया जाता है। तलाक भी खेद का विषय है।

    ‌‌‌खेद एक ऐसा शब्द है जिसको बुरा माना जाता है।असल मे खेद  को कोई नहीं चाहता है। कि यह उनकी जिंदगी के अंदर आए । लेकिन उसके बाद भी यह आ ही जाता है। ‌‌‌लेकिन खेद का भी आपको सामना करना होता है।क्योंकि यदि आप खेद का सामना करने मे सफल नहीं होते हैं तो आप उसके बाद आने वाली खुशी का कभी भी मुंह नहीं देख सकते हैं।

    ‌‌‌इसलिए जब भी खेद का वक्त हो या दुख का वक्त हो तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।वरन बस आपको इंतजार करना है सही समय का ताकि खेद का वक्त निकल जाए । ‌‌‌ और एक बार जब यह वक्त निकल जाता है तो उसके बाद वापस खुशियों का समय आ जाता है। 

    ‌‌‌वैसे आपको बतादें कि खेद कई तरह की समस्याओं को पैदा करता है।जब आप अधिक समय तक खेद मे रहते हैं तो फिर आप मानसिक रूप से प्रताड़ित हो सकते हैं या आप डिप्रेसन के अंदर जा सकते हैं। बहुत से लोग खेद को या दुख को झेल नहीं पाते हैं जिसकी वजह से वे बेहोश हो जाते हैं और कई तो अपने जीवन को समाप्त तक ‌‌‌ कर लेते हैं।

    ‌‌‌खेद और प्रसन्नता की कहानी Story of regret and happiness

    ‌‌‌प्राचीन काल की बात है।एक गांव के अंदर दो भाई रहते थे एक का नाम खेद था तो दूसरे का नाम प्रसन्नता था। दोनों अपने नाम के अनुसार ही थे। खेद बस हर बात के उपर खेद प्रकट कर देता था। भले ही कितना भी अच्छा कार्य क्यों ना हो खेद तो बस खेद ही प्रकट करता था। उसकी इस हरकत की वजह से लोग काफी नाराज होते थे।

    ‌‌‌एक बार गांव के अंदर शादी हो रही थी।और खेद वहां पर गया । उसने देखा कि आने वाले कुछ दिनों के अंदर दुल्हा मर जाएगा । और दुल्हन की मांग से सिंदूर नहीं रहेगा । तो यह देखकर वह काफी दुखी होते हुए लोगों से बोला ……….अरे भाई तुम खुशियां मना रहे हो यह दुल्हा तो 5 दिन के अंदर मर जाएगा ।

    खेद की ‌‌‌बात सुनकर किसी ने उसको डांटा और वहां से भगा दिया । उसके बाद शादी के पांच दिन ही हुए थे कि दुल्हा मर गया । उसके बाद यह बात गांव के अंदर आग की तरह फैल गई की खेद जो कहता है वह सच ही कहता है।क्योंकि वह हर समय बस खेद की ही बात करता है। यही कारण था कि उसके पास कोई भी इंसान जाने से डरता था।‌‌‌क्योंकि कोई भी अपना घिनौना भविष्य नहीं  जानना चाहता था।

    ‌‌‌उधर एक तरफ प्रसन्न था वह कभी भी खेद की बात नहीं करता था। वह जहां पर भी जाता । बस प्रसन्नता की ही बातें करता था। कारण यह था कि उसकी प्रवृति ही उसी प्रकार की थी।

    ‌‌‌एक बार प्रसन्न एक घर के अंदर गया जहां पर बच्चे का जन्म हुआ था तो वहां पर उसका जोरदार स्वागत हुआ और पूछा गया ……यह होने वाला बच्चा कैसा होगा ?

    …….यह काफी महान होगा और काफी पैसे वाला भी होगा । आपके लिए यह बच्चा बहुत ही शुभ होगा ।

    लेकिन उसी वक्त प्रसन्न का भाई वहां पर पहुंच गया और ‌‌‌ बोला ……..चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह बच्चा जब 5 साल का होगा तो इसके उपर बड़ा संकट आएगा लेकिन यह उसमे बच जाएगा । और कल इस घर मे आग लगने वाली है लेकिन कुछ नुकसान नहीं होगा ।

    ‌‌‌यह सब सुनकर वहां पर खड़े लोग काफी गुस्सा हो गए और उसके पीछे भागे । खेद वहां से भाग गया और बोल गया ……..सत्य को सुनने की आदत इंसान को डाल लेनी चाहिए । तुम सिर्फ अच्छाई चाहते हो बुरा तुम कुछ भी सुनना ही नहीं चाहते हो लेकिन क्या करें ।‌‌‌अच्छा और बुरा तो बस प्रक्रति का खेल है।यह सब बुरा करने वाला मैं नहीं हूं । मैं तो बस आपके सामने रख रहा हूं कि आप समस्या के लिए पहले से तैयार रहें। यदि आपको नहीं पसंद तो कोई बात नहीं है।

    ‌‌‌अब गांव वाले समझ गए की खेद और प्रसंसा दोनों सिक्के के दो पहलू हैं जो बदलते रहते हैं उनको रोका नहीं जा सकता है।

    प्रसन्नता का विलोम शब्द prasanta ka vilom shabd लेख के अंदर हमने प्रसन्नता और खेद के विलोम शब्द और उनके अर्थ के बारे मे जाना ।

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    पूजा का विलोम शब्द puja ka vilom shabd kya hai http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/puja-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/puja-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:58:58 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9133 Read more]]>
  • पूजा का विलोम शब्द, पूजा शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, पूजा का उल्टा , puja ka vilom shabd,

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    पूजा‌‌‌अपुजा या जो पूजा नहीं करता  
    poojaApooja
      prayer Non prayer    

    ‌‌‌पूजा का विलोम शब्द और अर्थ Antonyms and Meaning of Pooja

    ‌‌‌पूजा का दूसरा मतलब होता है प्रार्थना करना ।जब आप भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हे भगवान आप हमारा कल्याण करें तो यह पूजा ही होती है।पूजा का मतलब यथेष्ट आदर सत्कार, आव भगत। जब आपके घर के अंदर कोई अतिथि आता है और आप उसका आदर सत्कार करते हैं तो वह भी एक प्रकार की पूजा ही होती है।

    पूजा का विलोम शब्द

    पूजा को हम आमतौर पर भगवान के आगे सर झुकाने और उनके आगे दीपक जलाकर आरती करने से जोड़कर भी देखा जाता है। उसी को पूजा भी कहते हैं।पूजा करने का तरीका हर धर्म का अलग अलग हो सकता है जैस कुछ धर्म के लोग खड़े खड़े पूजा कर सकते हैं या कुछ धर्म के लोग चलते फिरते भी पूजा करते हैं।

    ‌‌‌अक्सर पूजा वर्ड का प्रयोग भगवान से प्रार्थना करने मे किया जाता है। पूजा के अंदर अक्सर हम एक पूजा की थाली का प्रयोग करते हैं जिसके अंदर दीपक वैगरह जलाया जाता है और उसके बाद भगवान की आरती उतारी जाती है।

    ‌‌‌अपूजा का अर्थ और मतलब

    ‌‌‌अपूजा का मतलब होता है पूजा का नहीं होना । या जो भक्ति पूजा से रहित है वह अपूजा ही तो है।वैसे देखा जाए तो पूजा का उल्टा अपूजा ही होता है। जहां पर पूजा नहीं होती है। या आप यदि किसी की पूजा नहीं करते हैं तो यह अपूजा है।

    ‌‌‌ऐसे इंसान जिनके लिए अपूजा वर्ड का प्रयोग किया जा सकता है।जो कि पूजा के अंदर विश्वास नहीं करते हैं। आमतौर पर जो इंसान पूजा पाठ नहीं करता है। वह अपूजा के जैसा ही हो जाता है। अपूजा यदि आपके अंदर है तो आपका मन भी उसी प्रकार का हो जाता है। एक पूजा करने वाले इंसान का मन काफी दया और करूणा से भरा ‌‌‌ होता है। और वह दूसरों के साथ भी उसी प्रकार से अच्छा व्यवहार करता है लेकिन जिस इंसान के अंदर अपूजा होती है। वह उसी प्रकार का हो जाता है। उसके अंदर दया और करूणा का होना काफी कठिन होता है।

    ‌‌‌अधिकतर लोग जो दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं वे अपूजा वाले ही होते हैं। बस वे अधिक से अधिक धन कमाने की चिंता करते हैं और उनको किसी भी तरह की चिंता नहीं होती है। अपूजा वह प्रवृति है जो इंसान को एक इंसान नहीं रहने देती है। इंसान के अंदर आज जो आप गलत गुणों को देख रहे हैं वे ऐसे ही नहीं है।वरन यह सब अपूजा की वजह से ही तो हो रहा है।

    ‌‌‌पूजा और अपूजा की कहानी Story of pooja and apuja

    प्राचीन काल की बात है। एक राजा की दो रानियां थी एक रानी का नाम पूजा था और दूसरी रानी का नाम अपूजा था। दोनों के अंदर पूरी तरह से विपरित गुण थे । वे दोनों कभी भी एक दूसरे के साथ नहीं रह सकती थी।

    ‌‌‌राजा ने उन दोनों को अलग अलग महल बनाकर दे रखा था। और राजा दोनों के बार अपना समय व्यतीत करता था। राजा की दशा भी काफी बुरी थी । वह जब अपूजा के साथ समय बिताता तो वह अपूजा के गुणों से भर जाता है और जैसे ही पूजा के पास जाता वह पूजा के गुणों से भर जाता ।

    ‌‌‌एक बार राजा के महल मे आग लग गई तो राजा अपूजा के महल मे था। तो किसी सैनिक ने राजा से कहा …….महाराजा महल के अंदर आग लगी है ?

    …….राजा वहां से भागा और महल की आग को देखा । उसके बाद सैनिकों ने किसी तरह से आग बुझाई । उसके बाद राजा ने यह ऐलान किया कि जिस किसी ने इस आग मे लापरवाही ‌‌‌बरती है उसको सजाए मौत होगी ।

    राजा के इस फैसले से महल के अंदर काम करने वाले लोग घबरा गए । और उसके बाद जांच की गई तो पता चला कि यह लापरवाही राजा के बहिन के बेटे से हुई थी।

    ‌‌‌चूकिं यह घोषणा राजा पहले ही कर चुका था। तो तय दिन तक उस अबोध बालक को फांसी के लाया गया । राजा की बहन अपने बेटे को फांसी से बचाने के लिए गुहार लगा रही थी। जब राजा की बहन को पता चला कि अब उसका बेटा नहीं बचेगा । ‌‌‌ तो वह सबसे पहले अपूजा के पास गई और बोली ……भाभी आप मेरे बेटे को बचालें । वरना मेरा भाई उसको फांसी चढ़ा देगा ?

    …….कोई फर्क नहीं पड़ता है । मर जाने दो एक इंसान कम हो जाएगा ।

    उसके बाद वह पूजा के पास गई और बोली ……..भाभी मेरे बेटे को बचालो और उसने पूजा के सारी बात बताई। ‌‌‌उसके बाद पूजा तेजी से राजा के सामने गई और बोली …….महाराज आप इस निर्दोष और अबोध बालक को छोड़दें । वरना मैं अपना प्राणांत यहां पर कर लूंगी । यह सरा सर अन्याय है कि आप इस बच्चे को फांसी दें ।

    ———– ‌‌‌तुम कौन होती हो राजा के काम मे दखल देने वाली और सैनिकों इसके हाथ से चाकू छीन लो और पकड़ लो ।

    लेकिन जैसे ही सैनिक पूजा की तरफ लपके उसने अपना चाकू पेट मे उतार लिया । यह देख राजा बहुत व्याकुल हो गया और  ‌‌‌बोला ……… पूजा तुमने यह गलत किया  है।मैं अपने भतीजे को मुक्त करता हूं । यही मेरा आदेश । और उसके कुछ ही समय बाद पूजा एक दम सही हो गई राजा ने देखा कि ‌‌‌ पूजा ने रियल मे कोई चाकू नहीं मारा था। यह बस आंखों का धोखा था।

    ‌‌‌……… यह तो एक धोखा है ।

    ………किसी निर्दोष की जान यदि किसी धोखे से बचती है।तो यह सबसे अच्छा ही होगा ।आपने निर्दोष इंसान की हत्या का गलत निर्णय दिया था। क्या यह गलत नहीं था। राजा अपने निर्णय पर शर्मिंदा था। और ‌‌‌सभा के अंदर बैठे लोग पूजा की विद्धवता के उपर मुग्ध हो गए । और यह देख रहे थे कि एक स्त्री ने राजा को हरा दिया । सब पुरूषों का ज्ञान वास्तव मे यहां पर व्यर्थ साबित हो गया ।

    पूजा का विलोम शब्द puja ka vilom shabd kya hai लेख के अंदर हमने पूजा के विलोम के बारे मे जाना और इसके उपर एक सामान्य कहानी देखी कि किसी प्रकार से एक पूजा करने वाला इंसान पूजा ना करने वाले से काफी बेहतर होता है

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    उत्थान का विलोम शब्द है uthane ka vilom shabd http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/uthane-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/uthane-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:58:57 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9132 Read more]]>
  • उत्थान का विलोम शब्द, उत्थान शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, मूर्ख का उल्टा , uthane ka vilom shabd,

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    उत्थान‌‌‌पतन  
    UtthanPatan
    Upliftment    The fall    

    ‌‌‌उत्थान का विलोम शब्द और अर्थ Upliftment

    दोस्तों उत्थान का विलोम शब्द पतन होता है।उत्थान का अर्थ होता है उपर उठना । यदि आप अपने किसी कार्य के अंदर प्रगति करते हैं तो उसको हम उत्थान कहते हैं। जैसे आप कोई बिजनेस चला रहे हैं और उसके अंदर आपकी प्रगति होती है। जैसे बिजनेस आगे बढ़ता है ‌‌‌तो इसको उत्थान कहा जाता है।उत्थान हर कोई चाहता है। क्योंकि उत्थान ही वह चीज है जो अधिक सुख को बनाए रख सकते है। वैसे भी उत्थान तो होता ही है लेकिन उसके बाद पतन भी होता है। इसी प्रकार से उत्थान और पतन का चक्र चलता रहता है।‌‌‌ जब उत्थान होता है तो हम खुश होते हैं क्योंकि हमे अपनी प्रगति का मजा मिलता है। लेकिन जब पतन होता है तो हम काफी दुखी हो जाते हैं।

    उत्थान का विलोम शब्द और अर्थ

    ‌‌‌पतन का अर्थ और मतलब fall

    दोस्तों पतन का अर्थ होता है नीचे गिरना ।‌‌‌जैसे आप अपने बिजनेस से 1 लाख रूपये महिना कमा रहे हैं तो अचानक से यदि आप 80 हजार रूपये कमाने लग जाते हैं तो यह आपका पतन होगा । पतन सिर्फ बिजनेस के अंदर ही नहीं होता है। पतन समाज का भी होता है। पतन चरित्र का भी होता है। पतन शब्द कई अर्थों के अंदर या कई प्रकार का होता है।

    ‌‌‌बात करें यदि चरित्र पतन की तो आज इंसानों का जितना चरित्र पतन हुआ है। उतना कभी नहीं हुआ है। इसका कारण यह है कि समाज के अंदर वह शिक्षा ही नहीं बची है जो इंसान के चरित्र को बनाए रख सके । यही कारण है कि रिश्तों के अंदर भी अब अविश्वास बन चुका है। आपने देखा होगा कि भाई बहन तक आपस मे शादी ‌‌‌ करते हुए देखे गए है।

    ‌‌‌और मोर्डन युग के बारे मे तो आप जानते ही हैं।अंग पर्दशन करना एक फैसन बन चुका है। आप यदि बड़ी बड़ी सीटी के अंदर जाएंगी तो लड़कियां अंग्रेज बनकर घूम रही हैं जोकि काफी बेहतरी सोच को दर्शा रहा है।

    ‌‌‌इसके अलावा सामाजिक पतन का मतलब यह है कि अब समाज का ताना बाना पूरी तरह से बिखर चुका है। एक भाई दूसरे को पसंद नहीं करता है। और दोनों जमीन को धन के लिए झगड़ते हैं। 

    ‌‌‌उत्थान और पतन की कहानी

    प्राचीन काल की बात है एक गांव के अंदर उत्थान और पतन दो भाई रहा करते थे । उत्थान अपने नाम के अनुसार ही उपर की ओर अग्रसर होता जा रहा था। वही पतन अपने नाम के अनुसार ही पतन की तरफ जा रहा था। दोंनो भाइयों की दिसा एक दूसरे के विपरित थी।

    ‌‌‌उत्थान समय समय पर खुद के अंदर सुधार करता और गुरू की हर आज्ञा का पालन करता था।जबकि पतन गुरू की आज्ञा का कभी भी सही ढंग से पालन नहीं करता था और कुछ भी सीखने के अंदर रूचि नहीं दिखाता था।‌‌‌इसी प्रकार से समय बीतता चला गया और दोनों भाइयों ने अपनी शिक्षा को पूरा कर लिया । उसके बाद जब गुरूकुल से जाने का समय आया तो गुरू ने दोनों को बुलाया और कहा ……..मैं तुम दोनों की परीक्षा लेना चाहता हूं । और उसके बाद ही मैं यह तय कर पाउंगा कि तुम कितना सीख पाए हो ?

    ——-‌‌‌तुम दोनों यहां से जाओ और दुनिया की सबसे सुंदर स्त्री के साथ शादी करके लाओ ?

    गुरू की आज्ञा थी तो दोनों को वहां से जाना पड़ा दोनों दो दिसाओं के अंदर निकल पड़े और उसके बाद ‌‌‌ उत्थान चलते हुए एक राज्य के अंदर पहुंचा ।उसने वहां के राजा का नाम पूछा और वहीं पर एक कुटिया के अंदर रहने लगा अपने जीवन यापन के लिए लोगों को ज्ञान के उपदेश देता था। बहुत से लोग उसके ज्ञान से प्रभावित होकर उसके शिष्य बन गए ।‌‌‌ लेकिन अभी तक उसे वह महिला नहीं मिली थी जिससे वह शादी कर सके ।एक बार एक महिला आश्रम के अंदर रोते हुए आई और बोली …….महाराज मेरे उपर कृपा कीजिए और मुझसे शादी कर लिजिए मैं विधवा हूं और सब लोग मुझे बुरी नजर से देखते हैं। लेकिन मैं एक सम्मान जनक जीवन जीना चाहती हूं ।

    ‌‌‌उत्थान ने उस महिला से कई सवाल पूछे तो महिला ने ठीक ठीक उत्तर दिये । इससे उत्थान को वह महिला पसंद आ गई और वह उत्थान के साथ उनकी कुटिया के अंदर रहने लगी ।

    ‌‌‌उधर पतन भी एक राज्य के अंदर पहुंचा और अपनी तांत्रिक ताकतों का गलत प्रयोग करके महल को छीन कर उसी के अंदर रहने लगा । वह अपनी तंत्र क्रिया का प्रयोग करता और कई चमत्कार दिखाता । उसके चमत्कार की वजह से लोग उसके बहुत अधिक धन देने लगे ।‌‌‌उस धनी को देखकर कई स्ति्रयों ने उससे शादी का प्रस्ताव रखा । वह एक के बाद एक स्त्री से शादी करता रहा । और उसके बाद वह भोग विलास मे इतना अधिक डूब गया कि उसे याद नहीं रहा कि गुरू ने क्या कहा था। इसी प्रकार से समय बीतता चला गया ।

    ‌‌‌उधर उत्थान अपने गुरू के पास पहुंचा और बोला ………आपके कहे अनुसार मैंने इस स्त्री को अपनी पत्नी बनाया है।

    ……….लेकिन यह तो विधवा है ?

    ………लेकिन महाराज यही बस मुझे मेरे योग्य लगी थी।

    …….ठीक है तुमने बहुत उत्थान किया है। लेकिन मैं अपनी द्रष्टि से देख रहा हूं कि ‌‌‌ तुम्हारा भाई तो पतन की तरफ जा रहा है।और उसने कई स्त्री से शादी की है जो उसके जैसी ही हैं वे बस भोग विलास के अंदर विश्वास रखती हैं। तुम्हारे भाई का पतन दिन ब दिन होता जा रहा है। यदि ऐसे ही चलता रहा तो उसके मरने के बाद उसका जन्म नीच योनियों मे होगा ।

    ———–‌‌‌लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते हैं उसके पशु संस्कार बहुत अधिक प्रबल हैं।‌‌‌मैंने भी उसको बहुत अधिक समझाने का प्रयास किया लेकिन उसे कुछ भी समझ नहीं आया । आज वह पहले की तुलना मे अधिक पतन के मार्ग पर जा चुका है। और यह मार्ग बस विनाश की ओर जाता है। क्योंकि इंसान की वासनाएं कभी भी पूरी नहीं हो सकती हैं। जितना भोग करोगे उतनी ही कामना बढ़ती जाएगी ।‌‌‌ और वह एक ऐसी कामना होगा जो कभी शांत नहीं होगी ।

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    मूर्ख विलोम शब्द Murkh ka vilom shabd kya hai http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/murkh-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/murkh-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:58:55 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9131 Read more]]>
  • मूर्ख का विलोम शब्द, मूर्ख शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, मूर्ख का उल्टा , Murkh ka vilom shabd,

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    मूर्खचतुर, बुद्धिमान  
    MurkhChatur, Buddhiman    
    quality Non quality 

    ‌‌‌मूर्ख का विलोम शब्द और अर्थ Antonyms and meanings of idiot

    ‌‌‌मूर्ख के बारे मे तो आप जानते ही होगें। मूर्ख इंसान का मतलब है कि जो अनौचित्य पूर्ण कार्य करता है।लोग  अज्ञान की वजह से मूर्ख होते हैं।मूर्खों की वैसे इस दुनिया के अंदर कोई कमी नहीं है। और वैसे तो हर इंसान के अंदर कुछ मूर्खता पूर्ण चीजें होती हैं।‌‌‌लेकिन कुछ इंसान ऐसे होते हैं जो कि काफी मूर्खतापूर्ण हरकते करते हैं।जैसे कुछ चोर ऐसे होते हैं जो सिर्फ महिलाओं के अंडरगार्मेंट चुराते हैं। और उसके बाद उनको अपने पास रख लेते हैं। भले ही यह एक बीमारी हो लेकिन कार्य तो मूर्खता का ही है। इसी प्रकार से ‌‌‌कुछ इंसान ऐसे भी होते हैं जोकि अपने जीवन के अंदर कभी भी अच्छा नहीं करते हैं लेकिन उसके बाद भी वे दूसरों से अच्छा करने की उम्मीद करते हैं। तो इस प्रकार के लोगों को आप क्या कहेंगे ?

    मूर्ख विलोम शब्द

    ‌‌‌एक मूर्ख इंसान की सबसे बड़ी खास बात यह होती है कि वह हटकर कार्य करता है। और उसको देखकर लोग उसे अपने आप ही मूर्ख समझते हैं। क्या आपने कभी एक ऐसा लकड़ी काटने वाला देखा है जो उसी डाली को काटता है जिसके उपर वह खड़ा है।

    चतुर, बुद्धिमान ‌‌‌का अर्थ Clever, intelligent means

    ‌‌‌बुद्धिमान एक ऐसे इंसान को कहा जाता है ,जो समझदार, अक्लमंद हो । मूर्ख का विलोम शब्द बुद्धिमान ही होता है। एक समझदार इंसान वह होता है ,जोकि हर कार्य को समझदारी पूर्वक करता है। आपको एक समझदार इंसान अलग से ही दिख जाएगा ।

    ‌‌‌वैसे कौन इंसान समझदार है ? और कौन इंसान समझदार नहीं है। इसकी पहचान करना बहुत ही आसान है। अक्सर समझदार इंसान करने पर विश्वास करते हैं । वे चिल्लाने पर विश्वास नहीं करते हैं। ‌‌‌अक्सर आपको जो चारों तरफ चिल्लाने वाले मिलेंगे ।वे मूर्ख ही होंगे।  क्योंकि मूर्ख इंसान चिल्लाने पर अधिक विश्वास करते हैं।

    ‌‌‌और वैसे भी एक बुद्धिमान इंसान को परिभाषित करना भी बहुत कठिन हो चुका है।इस भौतिकवादी युग के अंदर बुद्धिमान की परिभाषा भी बदल चुकी है। आज एक बुद्धिमान और चतुर इंसान उसे समझा जाता है जोकि बहुत अधिक पैसे वाला हो और जिसके पास पैसों कि कोई कमी नहीं हो ?

    ‌‌‌लेकिन जिसके पास पैसा नहीं हो लेकिन वह एक अच्छा इंसान हो उसे आज के जमाने के अंदर मूर्ख माना जाता है। इस प्रकार की इंसान की कोई कद्र भी नहीं करता है।

    ‌‌‌मूर्खों का गांव कहानी Story of fools village

    दोस्तों प्राचीन काल की बात है ।एक मूर्खों का गांव था। और उसके अंदर एक से बढ़कर एक मूर्ख रहा करते थे । एक दिन उस गांव के अंदर एक संत का आना हुआ । जब चलते चलते रात हो गई तो संत ने उसी गांव के अंदर डेरा देदिया । और जब भूख लगी तो कटोरा लेकर निकल पड़े। ‌‌‌एक घर के अंदर पहुंचकर संत ने कहा …….माई भिक्षा दे ।अंदर से कोई व्यक्ति आया और भिक्षा डालकर चला गया । उस भिक्षा को लेकर संत अपने डेरे पर गया और रोटियां खाने के लिए जैसे ही निकाली तो देखा दोनों रोटी नकली थी और प्लास्टिक की बनी हुई थी संत को कुछ भी समझ नहीं आया । ‌‌‌उसने सोचा कि यह किस किस्म के लोग हैं यदि भीक्षा नहीं देनी थी तो मत देते । उसके बाद संत ने दुबारा अपना कटोरा लिया और किसी घर के अंदर जाकर बोले …….माई भिक्षा दो ।

    …….अरे भाई तुम रात को काहें भिक्षा मांग रहे हो । दिन के अंदर आन चलो यहां से । और संत को भगा दिया गया । 

    ‌‌‌उसके बाद संत गई घरों के अंदर घूमा लेकिन किसी भी घर के अंदर से उसे खाना नहीं मिला यह उसके साथ पहली बार हो रहा था। संत को समझ आ चुका था कि आज उसे भूखा ही सोना पड़ेगा । संत उदास मन से बैठ गए । रात को 10 बजे उनके पास एक व्यक्ति आया और बोला ……..महाराज यह लो खाना ?

    …….तुम कौन हो और मेरे ‌‌‌ लिए खाना क्यों लेकर आये हो ? संत ने पूछा

    ….महाराज मैं चोर हूं । लेकिन मैं साधु संतों का आदर करता हूं ।आप जिस गांव के अंदर बैठे हैं वह मूर्खों का गांव हैं यहां आपको खाना नहीं मिलेगा हो सके तो जल्दी यहां से आपको निकलना चाहिए । यह जगह आपके लिए ठीक नहीं है। और कहते हुए वह चोर वहां से चला ‌‌‌ गया ।

    ‌‌‌संत मन ही मन सोच रहे थे कि एक चोर का दिया हुआ खाना खाना पाप होगा लेकिन भूख बहुत थी तो उन्होंने सोचा भले ही वह चोर था लेकिन वह एक अच्छा इंसान था जो बेईमानों के पैसे लूटता हो । और उसके बाद संत ने खाना खाया वहीं पर लैट गये । ‌‌‌सुबह जब संत की आंख खुली तो देखा कि वे चिता पर लैटे हुए हैं।यह काफी हैरान करने वाला था। संत काफी डर गए कि मैं कहां फंस गया । उनके हाथ पैर सारे बंधे हुए थे ।और आस पास कोई भी नहीं था। संत को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

    ‌‌‌कुछ समय बाद गांव का एक व्यक्ति संत के पास आया और बोला ……..आप जिंदा हैं क्या ?

    ….हां मैं जिंदा हूं ? संत ने कहा ।

    ……..लेकिन आप तो मर गए थे । हम आपकी अतिमक्रिया करने की व्यवस्था कर चुके हैं। उसके बाद आपकी समाधी बनाई जाएगी और मंदिर बनाएंगे ।

    …….लेकिन मैं जिंदा हूं । और ‌‌‌उसके बाद संत ने  किसी तरह से रस्सी को मूंह से काटा और वहां से भाग खड़े हुए । यह काफी हैरान करने वाला था। उसके बाद जब गांव वालों ने देखा कि संत तो भाग रहे हैं तो वे उनके पीछे दौड़े और बोले हम आपका मंदिर बनाएंगे । लेकिन हम चाहते हैं कि आप हमारे श्मसान के अंदर मर जाएं। ताकि हमारा श्मसान ‌‌‌ पवित्र हो जाए ।संत समझ चुके थे कि इन लोगों को कुछ भी समझाना बेकार होगा क्योंकि यह किसी की नहीं सुनने वाले हैं। यह पूरा मूर्खों का गांव है। और इस गांव के अंदर रहना बहुत ही मुश्किल है।

    ‌‌‌हजार मूर्खों के बीच एक विद्धान इंसान की नहीं चल सकती है।लेकिन हजार विद्धानों के बीच एक मूर्ख आसानी से रह सकता है।

    मूर्ख विलोम शब्द Murkh ka vilom shabd kya hai लेख के अंदर हमने मूर्ख इंसानों के बारे मे विस्तार से जाना उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा यदि आपका कोई विचार है तो नीचे कमेंट करके हमें बताएं ।

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    गुण का विलोम शब्द gun ka vilom shabd kya hai http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/gun-ka-vilom-shabd/ http://www.pk.sawpanresearch.online/2024/02/19/gun-ka-vilom-shabd/#respond Mon, 19 Feb 2024 10:58:54 +0000 https://www.hindiarth.in/?p=9129 Read more]]>
  • गुण का विलोम शब्द, गुण शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, गुण का उल्टा , gun ka vilom shabd,

    शब्द (word) विलोम (vilom)
    ‌‌‌गुण‌‌‌अवगुण  
    gunDosh, Avgun
    quality Non quality 

    ‌‌‌गुण का विलोम शब्द और अर्थ gun ka vilom shabd kya hai

    गुण का मतलब होता है विशेषता ।जैसे यदि कोई इंसान सत्य बोलता है तो यह उसका नैतिक गुण है। इसी प्रकार से यदि कोई इंसान बहुत अधिक ताकतवर है तो यह उसका शारीरिक गुण हो सकता है। गुण मुख्य रूप से एक इंसान के लिए दो प्रकार के होते हैं। एक गुण वह होता है जो आप अर्जित ‌‌‌करते हैं। और दूसरा गुण वह होता है जोकि आपको मिला होता है।जिसको आप अर्जित नहीं करते हैं वरन आपको प्राकृति या माता पिता से मिलता है। जैसे शरीर का सुंदर होना भी एक गुण है जोकि इंसान को उसके माता पिता से मिलता है।

    गुण का विलोम शब्द

    ‌‌‌वैसे आपको बतादें कि गुण का मतलब केवल अच्छी विशेषताओं से होता है।आपके पास जो कौशल है वह भी एक गुण है। आपके पास जितनी भी अच्छी विशेषताएं हैं वह सभी गुण के अंदर आती हैं।

    ‌‌‌यदि किसी इंसान के अंदर अधिक अच्छे गुण होते हैं तो उसको अच्छे गुणों वाला बढ़िया इंसान माना जाता है। हालाकिं कोई इंसान अच्छा होगा या बुरा होगा । यह उसके गुणों की संख्या पर नहीं वरन समाज की मान्यता पर निर्भर करता है।

    ‌‌‌यदि किसी इंसान को कत्ल करने की आदत है तो फिर भले ही उसके अंदर अन्य हजारों गुण हो उसको बुरा ही माना जाएगा ।

    ‌‌‌अवगुण का अर्थ Meaning of demerit

    गुण का विलोम शब्द अवगुण होता है। और अवगुण का मतलब होता है। बुराई यदि किसी इंसान के अंदर हजारों बुराई हैं तो इसका मतलब यह होगा कि उसके अंदर हजारों अवगुण मौजूद हैं। यदि अवगुण के उदाहरण की बात करें तो बहुत सारे हैं।

    • ‌‌‌जैसे झूठ बोलना भी एक अवगुण के अंदर आता है। आज लगभग हर इंसान बात बात पर झूठ बोलता है। और झूठ बोलने की प्रवृति काफी बढ़ती ही जा रही है।
    • ‌‌‌इसी प्रकार से चोरी करना भी एक अवगुण होता है। यदि आप घर से चोरी करते हो तो वह भी अवगुण है। चोरी करना तो पाप माना गया है। इंसान को कभी भी चोरी नहीं करनी चाहिए ।
    • ‌‌‌चुगली करना भी एक बेहद की खराब आदत होती है। और इस प्रकार का अवगुण यदि किसी इंसान के अंदर विकसित हो जाता है तो उसके बाद उसे दूसरों की बुराई करने के अंदर मजा आने लग जाता है।
    • ‌‌‌इस प्रकार की आदत इंसान के पतन का कारण बनती है। इसलिए चुगली नहीं करनी चाहिए । और सबसे अधिक यह समस्या महिलाओं को होती है।
    • ‌‌‌गाली देना भी बहुत बड़ अवगुण है। आज हर इंसान आपको गाली देता हुआ मिल जाएगा । और कई जगह तो गाली देने का ट्रेंड तक बन चुका है। फिल्मों के अंदर तो गालियों की भरमार होती है। और इस प्रकार की फिल्मे काफी चलती हैं तो आप समझ सकते हैं कि लोगों का किस तरीके से पतन हो रहा है।
    • ‌‌‌क्रोधित होना भी एक प्रकार का अवगुण है। यदि आप बात बात पर क्रोध करते हैं तो यह अवगुण के अंदर आता है। कुछ इंसानों को यह समस्या होती है। यदि आपको भी इस प्रकार की समस्या है तो इसका इलाज करना चाहिए ।

    ‌‌‌गुण और अवगुण की कहानी Story of virtues and demerits

    ‌‌‌गुण और अवगुण दो भाई थे ।और उन्हीं की वजह से संसार के अंदर गुण और अवगुण फैलते थे । जिस स्थान पर गुण राजा होता वहां पर हर इंसान के अंदर गुण ही गुण आ जाता और जिस स्थान पर अवगुण राज्य करता वहां के इंसानों के अंदर अवगुण ही अवगुण आ जाता ।

    ‌‌‌और इसी प्रकार से एक गांव के अंदर गुणी लोग रहते थे । और पर सब कुछ सुख और शांति से चलता था । लेकिन समस्या गुणों के साथ भी थी । वहां पर कोई भी इंसान झूठ नहीं बोलता था । और किसी भी इंसान के अंदर कोई भी बुराई भी नहीं थी ।

    ‌‌‌एक बार इस राज्य के अंदर एक एक चोर आया और उसने पूछा …….यहां पर सबसे अधिक धनवान कौन है ?

    ……यहां पर तो सबसे अधिक धनवान रामू काका हैं। उनके पास करोड़ों रूपये हैं।

    ……….तो क्या आप उनका घर बता सकते हैं ?

    ……हां क्यों नहीं । और उसके बाद चोर को उस ग्रामिण ने रामू काका का घर बता ‌‌‌ दिया । रामू काका के घर मे चोर मेहमान बनकर प्रवेश कर गया ।वहां के लोगों को झूंठ के बारे मे कुछ पता ही नहीं था तो चोर ने सारा धन का पता पूछ लिया और रामू काका ने बता दिया । क्योंकि वह दिल का बहुत साफ था।

    ‌‌‌रात को ही चोर धन को ले उड़ा। और उसके बाद सुबह रामू काका ने देखा कि चोर उसका धन ले गया लेकिन रामू काका के मन मे बदला लेने के भाव नहीं आया वह निराश जरूर हुआ लेकिन सही हो गया ।

    ‌‌‌इस प्रकार से चोरों को उस गांव की कमजोरी का पता चल गया और हर इंसान के घर से वे धन की चोरी करके ले जाने लगे । इस प्रकार से वह गांव काफी त्राहि त्राहि करने लगा ।

    ‌‌‌उधर जिस गांव के अंदर अवगुण राज्य करता था। वहां की तो स्थिति ही बुरी थी । मार काट मची रहती थी और झूठ व्यभीचार और भी न जाने कितनी प्रकार की बुराइयां थी। लोगों का जीना काफी मुश्किल हो गया था। वहां पर एक भी अच्छा इंसान नहीं था।

    ‌‌‌एक दिन गुण और अवगुण दोनों भाई मिले और आपस मे विचार विमर्श किया कि संसार के कल्याण के लिए बुराई को नष्ट करने के लिए बुराई का उपयोग करना बेहतर होता है। तभी यह काम करता है। यह संभव नहीं है कि सारा संसार गुणी हो । अवगुण को नष्ट नहीं किया जा सकता है। इसलिए आज से हम दोनों मिलकर एक इंसान ‌‌‌ के अंदर रहेंगे ।किसी इंसान के अंदर गुण का प्रभाव अधिक होगा तो किसी इंसान के अंदर अवगुण का प्रभाव होगा । कोई भी इंसान पूरी तरह से गुणवान होगा लेकिन बहुत ही मुश्किल से ।

    ‌‌‌और उस समय के बाद ऐसा ही हो रहा है।हर इंसान के अंदर गुण और अवगुण दो ही मौजूद होते हैं। दोनों कभी भी पूरी तरह से समाप्त नहीं होते हैं।

    गुण का विलोम शब्द, गुण शब्द का विपरीतार्थक शब्द है, क्रोध का उल्टा , gun ka vilom shabd ‌‌‌ लेख आपको पसंद आया होगा । नीचे अपने विचार व्यक्त करें ।

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