पिता का पर्यायवाची शब्द या पिता का समानार्थी शब्द (pita ka paryayvachi shabd / pita ka samanarthi shabd) के बारे में हम इस लेख में काफी विस्तार से जानने वाले है । इसक अलावा पिता से जुड़ी बहुत सारी जानकारी हासिल करेगे तो लेख को देखे ।
पिता का पर्यायवाची शब्द या पिता का समानार्थी शब्द (pita ka paryayvachi shabd / pita ka samanarthi shabd)
| शब्द (shabd) | पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द (paryayvachi shabd / samanarthi shabd) |
| पिता | जन्मदाता, बापू, जनक, पितृ, अब्बु, जनपिता, बाप, पापा, तात, अब्बा, बाबू, परम |
| पिता in Hindi | janmadaata, baapoo, janak, pitr, abbu, janapita, baap, paapa, taat, abba, baaboo, param. |
| पिता in English | father, dad, daddy, pater, dada, sire. |

पिता का अर्थ हिंदी में || father meaning in hindi
दोस्तो पिता का मतलब होता जनक । यानि किसी संतान के जन्म के लिए माता के अलावा एक पुरुष का सहयोग भी जरूरी होता है और जिस पुरुष का सहयोग होता है वह पिता होता है । पिता को अनेक नामो से जाना जाता है कुछ इन्हे जनक कहते है तो कुछ इन्हे पाप कहते है ।
इस तरह से पिता के अर्थ को हम निम्न तरह से समझ सकते है जो है –
- वह वह पुरुष जिसके सहयोग से स्त्री संतान को जन्म देती है पिता होता है ।
- वह जो जन्म देने वाला पुरुष होता है यानि जनमदाता ।
- वह जिसे बापू कहा जाता है ।
- वह जिसे अंग्रेजी में फादर कहा जाता है ।
- किसी संतान को जन्म देने वाला पुरुष ।
- जन्म देने वाली मां का पति ।
- वह पुरुष जिसे संतान पापा कहती है ।
- इस तरह से कहा जाए तो पिता वह होता है जो की जन्म देने में स्त्री का सहयोग करता है । बिना पिता के जन्म संभव नही है । अगर विज्ञान की भाषा में पिता की बात की जाए तो वह पुरुष जिसके वीर्य से संतान का जन्म होता है पिता होता है ।
पिता शब्द का वाक्य में प्रयोग || use of father in sentence in Hindi
- आज तो तुम्हे पिता ने बचा लिया मगर कभी न कभी तो अकेले मिल ही जाओगे ।
- मेरे पिता मेरी हर ख्वाईस को पूरा करते है ।
- एक लड़के लिए उसके पिता से बड़कर कोई और पुरूष नही होता है ।
- राहलु के पिता गाव के सरपंच बन गए है ।
- इस पर अध्ययक्ष पद के लिए हमारे मोहनलाल के पिता खड़े हो रहे है ।
- रामलाल के घर में आज चोर घुस गए थे मगर तभी महेश के पिता वहां पर आ गए जिसके कारण से चोर बिना कुछ चुराए वहा से फरार हो गए ।
पिता के पर्यायवाची शब्दो का वाक्य में प्रयोग
- अरे भाई तुम्हारे पापा घर पर है क्या कुछ काम है ।
- महेश के बापू जब से नोकरी लगे है तब से सभी का भला करने लगे है ।
- हजारी लाल ही तो हमारे शहर के थानेदार है वे मुझे अच्छी तरह से जानते है क्योकी वे मेरे दोस्त रामू के जनक है ।
- आज कल तो राहुल के जन्मदाता कही दिखाई नही देते है लगाता है काम करने के लिए शहर से बाहर गए है ।
- कल शाम के समय रमिया के अब्बु काम करने के लिए देश से बाहर जाने वाले है ।
पिता कोन होता है विस्तार से समझाए
आपको यह बताने की जरूरत नही है की पिता कोन होता है । क्योकी आपको इस बारे में पता है । मगर मेरे प्यारे दोस्तो पिता की भी एक परिभाषा होती है । और वैज्ञानिक रूप में कहा जाए तो वह पिता होता है जो संतान के जन्म में महिला का सहयोग करता है । यानि जिस पुरुष के वीर्य के सहयोग से स्त्री संतान को जन्म देती है वह पुरुष पिता होता है ।
इसके आलावा सरल भाषा में यह कहा जा सकता है वह पुरुष जिसके कारण से किसी संतान का जन्म होता है वह पिता होता है । और जो पिता होता है वह माता का पति होता है ।
मगर सभी तरह की कंडीसन में यह जरूरी नही की जो पिता पिता होता है वह माता का पति हो । क्योकी कई बार पिता ओर माता के रिश्ते बिड़ जाते है । और आपने आस पास देखा होगा की पिता और माता के बिच में तालाक हो जाता है और दोनो दूसरा विवाह कर लेते है । तो इस स्थिति में माता का पति अलग होता है और संतान का पिता अलग होता है ।
इस इस तरह से भी कहा जा सकता है की आपका जन्म आपके माता के पिता या आपके बाबू के कारण से हुआ है तो आपके बाबू आपके पिता है । और यह आप जानते है । इस कारण से हम इस बारे मे अधिक बात नही करने वाले है ।
पिता की लाड़ली होती है बेटी
दोस्तो आपको यह बताने की जरूरत नही है की पिता की लाड़ला लडका नही होता है बलकी बेटी पिता की लाड़ली होती है । और आज कल मे समय में ऐसा कहा भी जाता है की पापा की परी । तो यह केवल ऐसे ही नही कहा जाता है इसमें बताया जाता है की पिता की लाड़ी बेटी होती है ।
इसके अलावा जो बेटा होता है वह अपनी मां का लाड़ला होता है । एक पिता अपनी बेटी की हमेशा जीत देखना चाहता है । पिता चाहता है की उसकी बेटी हमेशा जीतती रहे । जिसके कारण से बचपन के खेलो में भी स्वयं हार कर बेटी को जीत दिलवाते है ।
अगर बेटी को पढाई करनी होती है तो पिता की आखो से ही उमीद नजर आती है । पिता ही अपनी बेटी के लिए अच्छा भविष्य बनाता है । बेटी को भी पिता पर काफी भरोषा होता है । जिसके कारण से ही नही जानने वाले व्यक्ति के साथ बिना कुछ सोचे समझे विवाह कर लेती है और पिता की बात मानते हुए पराई हो जाती है ।
उस समय बेटी को पिता की काफी याद आती है । उसे याद आती है उसके पिता ने उसके लिए क्या क्या किया है ।
अगर घर में पिता कुछ लेकर आता है तो वह पहले बेटे को नही देगा बल्की अपनी बेटी को ही देगा ।यह मैं नही कह रहा हूं । यह आप देख सकते हो की एक पिता अपनी बेटी को बेटे से बढकर मानता है ।
आज केवल पिता के कारण से ही यही हो रहा है की बेटिया कई सारे लोगो को लेकर एक देश से दूसरे देश में चली जाती है । क्योकी पिता अपनी बेटी को अच्छा भविष्य देता है और उसे पढाता है । हालाकी मां की बात करे तो वह भी चाहती है की उकसी बेटी आगे बढे मगर पिता से ज्यादा नही चाहती है ।
अंत में कह कह सकते है की पिता की लाड़ली बेटी होती है बेटा नही ।
पिता कितने प्रकार के होते है
अब आप कहोगे की भाईसाहब आपने तो पिता के प्रकार तक कर दिए यह क्या सही है । मेरे प्यारे दोस्त पिता के भी प्रकार होते है । और कहा जाता है की पिता दो तरह के हो सकते है । पहले वे पिता जिनके कारण से हमारा जन्म होता है और दूसरे वह पिता जो की हमारी माता के पति है ।
आपको इस तरह से समझ में नही आने वाला है चलो विस्तार से बात करते है
1. सगे पिता
जिस तरह से सगी मा होती है ठिक वैसे ही सगे पिता होते है । जैसे की कोई संतान है और उस संतान का जन्म एक पुरुष और एक स्त्री के कारण से होता है । और दोनो पति पत्नी है। तो इस तरह से जो पुरुष होता है वह आपके सगे यानि माता के अलावा संतान का जन्म उस पुरुष के के सहयोग से हो रहा है तो वह जो पुरुष है वह संतान का पिता है ।
हालाकी पुरुष और आपकी मांत यानि स्त्री का रिश्ता आपस में पति पत्नी का है । दोनो का विवाह हुआ है । तो इस तरह के पिता आपके सगे पिता है । यानि सगे पिता वे होते है जिनके कारण से आपका जन्म हुआ है ।
3. सौतेले पिता
जिस तरह से सौतेली मां होती है उसी तरह से सोतेले पिता होते है । जैसे की आप समझ लो की एक संतान है जिसका जन्म किसी महिला ओर पुरुष के कारण से हो रहा है । और दोनो पति पत्नी है । मगर संतान के जन्म हो जाने के बाद में दोनो में तलाक हो जाता है और फिर संतान की जो माता होती है तो वह दुसरा विवाह कर लेती है । तो संतान की मां जिस पुरुष से विवाह करती है वह सौतेले पिता होते है ।
दूसरी तरह से यह हो सकता है की जो सगे पिता होते है उनकी मृत्यु हो जाती है जिसके कारण से स्त्रीका दूसरा विवाह किया जाता है और फिर जो स्त्री है वह जिस पुरुष के साथ विवाह करती है वह पुरुष संतान का पिता तो होगा मगर वह सौतेले पिता होते है ।
कहने का मतलब है की माता का वह पति जिसके कारण से संतान का जन्म नही हुआ है वह पुरुष सौतेला पिता होता है ।
इस तरह से आपको दोस्तो यह मालूम भी है की पिता कोन होता है और सगे पिता कोन होते है ओर सौतेले पिता कोन होते है । क्योकी हमारे आस पास ऐसा बहुत कुछ होता है की स्त्री की संतान होने के बाद भी उसे दूसरा विवाह करना पड़ जाता है और फिर जो पुरुष होता है वह सौतेला पिता है । ऐसा आपके आस पास भी हुआ है । हालाकी हमारे आस पास तो इस तरह से देखने को मिल जाता है ।
मित्रो अब तक हमने केवल पिता के बारे मे बात की है । हालाकी हम यहां पर महत्वपूर्ण रूप से पिता के पर्यायवाची शब्दो को जानने के लिए आए थे । अगर आपको पर्यायवाची शब्द याद नही हुए है तो आप एक बार फिर से पर्यायवाची शब्दो को देख लो । ताकी आपको पर्यायवाची शब्द याद हो जाए और आप पिता के पर्यायवाची शब्द कभी न भूल पाओ ।
मिलेगे एक बहतरीन लेख के साथ । तब तक के लिए अपने जीवन में मोज किजिए ।